दिल्ली में BS-4 वाहनों की एंट्री पर रोक, गाजियाबाद में तैनात हुईं 7 टीमें
गाजियाबाद परिवहन विभाग ने दिल्ली में BS-4 वाहनों की एंट्री रोकने के लिए 7 टीमें तैनात की हैं। जानें कौन से वाहन अब राजधानी में नहीं जा सकेंगे।

सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है। गाजियाबाद परिवहन विभाग ने दिल्ली की सीमाओं पर BS-4 वाहनों की एंट्री रोकने के लिए सात विशेष प्रवर्तन टीमें (Enforcement Teams) तैनात की हैं। यह पूरी कार्रवाई ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत की जा रही है, ताकि राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता को सुधारा जा सके।
यह प्रतिबंध 1 नवंबर 2026 से लागू होगा और 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगा। इन टीमों का मुख्य काम बॉर्डर रूटों पर गश्त करना और आने वाले वाहनों के एमिशन स्टैंडर्ड्स की जांच करना है। विशेष रूप से उन कमर्शियल गुड्स कैरियर्स और अन्य प्रतिबंधित श्रेणियों पर नजर रखी जाएगी जो BS-6 मानकों को पूरा नहीं करते हैं। मेरठ के सहायक मंडल परिवहन अधिकारी (प्रशासन) विकास यादव के अनुसार, अब केवल BS-6, CNG, LNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, दिल्ली में रजिस्टर्ड बसों को इस नियम से छूट दी गई है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़ा अभियान
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के दिशा-निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया है। आंकड़ों की बात करें तो अकेले गाजियाबाद में करीब 4 लाख ऐसे वाहन हैं जो BS-6 मानकों पर खरे नहीं उतरते। इस अभियान को मजबूती देने के लिए दिल्ली परिवहन विभाग ने टोल प्लाजा और मुख्य प्रवेश द्वारों पर 250 कर्मियों को तैनात किया है, जबकि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की 100 से ज्यादा टीमें बॉर्डर क्रॉसिंग पर निगरानी कर रही हैं।
दूसरी ओर, इस फैसले से व्यापार और दैनिक आवागमन पर पड़ने वाले आर्थिक असर को लेकर चिंताएं भी जताई जा रही हैं। परिवहन विशेषज्ञ अनिल छिकारा का कहना है कि केवल चार पहिया और कमर्शियल वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि दोपहिया वाहनों पर कोई खास असर नहीं दिख रहा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने एजेंसियों को निर्देश दिया है कि यदि वाहन मौजूदा एमिशन नियमों का पालन कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ वाहन जब्ती जैसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।