जर्मन नागरिक पूनम जेज़लर दिल्ली में गिरफ्तार, विदेशी नागरिकता के नाम पर की 60 लाख की ठगी

दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 64 वर्षीय जर्मन नागरिक पूनम जेज़लर को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। पूनम जेज़लर पर विदेशी नागरिकता दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने यह गिरफ्तारी उनके खिलाफ जारी एक लुक आउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर की है।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब प्रान्जल कुमार नाम के व्यक्ति ने वसंत कुंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि पूनम जेज़लर ने प्रान्जल को रजत अरोड़ा नामक एक व्यक्ति से मिलवाया, जिसने खुद को जर्मन दूतावास का अधिकारी बताया था। इस जालसाजी के जरिए प्रान्जल से करीब 60 लाख रुपये ठग लिए गए। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि यह बड़ी रकम पूनम जेज़लर के बैंक खातों में जमा की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उनके भारतीय बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था।
कोर्ट ने भेजा पुलिस रिमांड पर, जांच जारी
इस मामले की सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में हुई, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिमेष कुमार ने पाया कि पूनम के खातों में 60 लाख रुपये प्राप्त होना एक निर्विवाद तथ्य है। इसी आधार पर कोर्ट ने उन्हें 16 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। गौरतलब है कि पूनम जेज़लर खुद को मध्य प्रदेश के एक पूर्व कानून सचिव की बेटी बताती हैं और वह स्विट्जरलैंड में 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' की अध्यक्ष भी हैं। उन्हें 2022 में भारत कीर्ति चक्र से भी सम्मानित किया गया था।
दिल्ली पुलिस ने इस गिरफ्तारी की सूचना जर्मन दूतावास, विदेश मंत्रालय और विदेश क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) को दे दी है। पुलिस अब इस पूरे घोटाले के मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन) का पता लगा रही है। जांच टीम अब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बरामदगी और इस साजिश में शामिल अन्य संभावित मददगारों की पहचान करने में जुटी है। हालांकि उनकी तरफ से जमानत याचिका दायर की गई थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया।