भारत का उदय उसकी आध्यात्मिक ऊर्जा में निहित: दिल्ली में गायत्री परिवार शताब्दी समारोह में बोले ब्रिटिश लॉर्ड्स
दिल्ली में आयोजित गायत्री परिवार शताब्दी समारोह में ब्रिटिश लॉर्ड्स और वैश्विक नेताओं ने भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा की सराहना की।

देश की राजधानी दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस खास मौके पर ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्यों समेत दुनिया भर के आध्यात्मिक और धार्मिक दिग्गजों ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत और 'वसुधैव कुटुंबकम' के वैश्विक दर्शन की जमकर सराहना की।
ब्रिटिश हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड कृष रावल ने इस आयोजन में अपनी गहरी व्यक्तिगत आस्था व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत आज जिस तरह से आर्थिक प्रगति कर रहा है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, उसकी बुनियाद यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा में है। लॉर्ड रावल ने वंदनीय माताजी और परम पूज्य गुरुदेव की तपस्या को दुनिया के लिए एक मिसाल बताया और कहा कि माताजी ने दशकों पहले ही 'वसुधैव कुटुंबकम' के भाव को अपने जीवन में उतार लिया था।
मानवीय मूल्यों और वैश्विक एकता पर जोर
समारोह में पहुंचे लॉर्ड रसेल ने संगठन की सामुदायिक भावना और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पण की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहाँ की ऊर्जा, उत्साह और एक-दूसरे की देखभाल करने की भावना वास्तव में प्रेरणादायक है। वहीं, चर्च ऑफ इंग्लैंड के बिशप लुसा नसेन्गा-न्गॉय ने अंतर-धार्मिक संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने दिल्ली की जीवंतता और विभिन्न आध्यात्मिक समुदायों के साथ जुड़ने के अनुभव को बेहद सुखद बताया।
गौरतलब है कि अखिल विश्व गायत्री परिवार एक वैश्विक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संगठन है, जो दुनिया भर में एकता, सद्भाव और प्रबोधन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। यह संगठन अपने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मानवता के उत्थान और सार्वभौमिक मूल्यों के प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।