दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर नीरज सहरावत उर्फ नीरज बवाना को अपनी पत्नी और नवजात बच्चों से मिलने के लिए गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को छह घंटे की कस्टडी पैरोल दी गई। दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह अस्थायी रिहाई दी गई।
कस्टडी पैरोल के नियमों के तहत बवाना को दिल्ली पुलिस के भारी सुरक्षा पहरे में रखा गया। इस सुरक्षा बल में थर्ड बटालियन, स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल थे। अदालत के आदेश के अनुसार उसे सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच
हरि नगर स्थित उसके आवास और उसके बाद अस्पताल ले जाया गया।
अपनी इस संक्षिप्त रिहाई के दौरान नीरज बवाना ने मीडिया से बातचीत की और चल रही कानूनी कार्यवाही पर अपनी निराशा जाहिर की। उसने अपने 11 साल के कारावास का जिक्र किया और मानवता के आधार पर अपील की, क्योंकि उसका एक नवजात बच्चा गुजर चुका है और दूसरा वेंटिलेटर पर है।
आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बवाना को पहली बार 7 अप्रैल 2015 को गिरफ्तार किया गया था। वह वर्तमान में
सात सक्रिय मामलों का सामना कर रहा एक उच्च जोखिम वाला कैदी है। रिकॉर्ड बताते हैं कि उसके खिलाफ कुल 24 मामले दर्ज थे, जिनमें से वह 14 मामलों में बरी हो चुका है और दो मामलों में अपनी सजा पूरी कर चुका है।