गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 19वीं बैठक: दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल ने की अध्यक्षता
केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल की अध्यक्षता में गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें बाढ़ प्रबंधन और नए मोबाइल ऐप पर चर्चा हुई।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में गुरुवार को गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड (GFCB) की 19वीं महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य गंगा बेसिन में बाढ़ प्रबंधन की मौजूदा योजनाओं की समीक्षा करना और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। इस मौके पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान एक बड़ी पहल करते हुए जल शक्ति मंत्री ने 'पुनः भरन' (Punah Bharan) मोबाइल ऐप लॉन्च किया। यह ऐप भास्करचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन एंड जियो-इंफॉर्मेटिक्स और नेशनल वाटर मिशन के सहयोग से तैयार किया गया है। इस ऐप की मदद से वैज्ञानिक तरीके से उन जगहों की पहचान की जा सकेगी, जहां आर्टिफिशियल ग्राउंडवाटर रिचार्ज यानी भूजल पुनर्भरण के जरिए पानी के स्तर को बढ़ाया जा सकता है।
बाढ़ प्रबंधन के लिए नई रणनीति और तकनीकी बदलाव
बोर्ड ने गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग (GFCC) के ढांचे में बदलाव और उसके संशोधित जनादेश पर विस्तार से चर्चा की। इसमें बेसिन स्तर पर बाढ़ प्रबंधन की योजना को मजबूत करने, नदी की बनावट (morphology) और तलछट (sedimentation) के अध्ययन के साथ-साथ एक 'फ्लड मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम' (FMIS) विकसित करने पर जोर दिया गया। इन बदलावों से तकनीकी मूल्यांकन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर भी चर्चा हुई:
- जोखिम-आधारित बेसिन मास्टर प्लान तैयार करना।
- पुलों के नीचे जलमार्गों और वेंटवे की पर्याप्तता की जांच करना।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) की गुणवत्ता में सुधार और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना।
- बाढ़ नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकों और सर्वे विधियों का इस्तेमाल।
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के बीच तालमेल होना बेहद जरूरी है, ताकि नदी की बदलती दिशा, जल निकासी की समस्याओं और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी चुनौतियों का समाधान निकाला जा सके।
बता दें कि भारत सरकार ने 18 अप्रैल 1972 को गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड का गठन किया था। इसका मुख्य उद्देश्य गंगा बेसिन में बाढ़, कटाव और जल निकासी की समस्याओं से निपटने के लिए समन्वित योजना बनाना और उन्हें लागू करना है। यह बोर्ड केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग के लिए एक उच्च स्तरीय मंच के रूप में काम करता है।