गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक: केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने लॉन्च किया 'पुनः भरन' ऐप
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने दिल्ली में गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता की और 'पुनः भरन' मोबाइल ऐप लॉन्च किया।

नई दिल्ली में 29 अक्टूबर 2026 को जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 19वीं महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य गंगा बेसिन में बाढ़ प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाना और वैज्ञानिक तरीकों से जल स्तर को नियंत्रित करना था। बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत कई दिग्गज नेता और अधिकारी शामिल हुए।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने 'पुनः भरन' (Punah Bharan) मोबाइल एप्लिकेशन को लॉन्च किया। यह ऐप नेशनल वॉटर मिशन और भास्करचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लिकेशन एंड जियो-इंफॉर्मेटिक्स के सहयोग से तैयार किया गया है। यह एप्लिकेशन जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है, जिससे बारिश के पैटर्न, भूजल स्तर और जमीन की ढलान जैसे आंकड़ों के आधार पर यह पता लगाया जा सकेगा कि कृत्रिम भूजल पुनर्भरण (Artificial Groundwater Recharge) के लिए कौन सी जगह सबसे उपयुक्त है। यह सुविधा तीन किलोमीटर के दायरे में सटीक पहचान करने में मदद करेगी।
बाढ़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे पर चर्चा
बैठक के दौरान गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग (GFCC) के पुनर्गठन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इसमें रिवर मॉर्फोलॉजी स्टडीज, बेहतर तकनीकी मूल्यांकन और एक आधुनिक 'फ्लड मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम' को लागू करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने रिस्क-आधारित बेसिन मास्टर प्लान तैयार करने और पुलों के वेंटवे व जलमार्गों जैसे बुनियादी ढांचे के आकलन पर भी चर्चा की।
क्षेत्रीय मांगों पर गौर करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के प्रस्ताव को स्वीकार किया और तय किया कि GFCC का मुख्यालय पटना में ही रहेगा। इसके साथ ही, गंगा जल की शुद्धता पर उठ रहे सवालों पर जवाब देते हुए मंत्री पाटिल ने स्पष्ट किया कि गंगा का पानी पूरी तरह शुद्ध है और इसे लेकर फैलाई जा रही गलतफहमियां निराधार हैं।