दिल्ली में 14 सितंबर 2026 से गणेश चतुर्थी का पावन उत्सव शुरू हो गया है। राजधानी में जगह-जगह भव्य पंडाल सजाए गए हैं और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। यह उत्सव 25 सितंबर 2026 तक चलेगा। भक्तों ने आज सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे के शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की। चतुर्दशी तिथि 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे तक रहेगी।
लाल बाग का राजा ट्रस्ट दिल्ली द्वारा पितृपुरा के डीडीए ग्राउंड में 14 से 24 सितंबर तक 10वें गणपति पूजा महा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शाम 6:00 बजे मूर्ति का अनावरण करेंगे। इस कार्यक्रम में 2,100 भक्तों द्वारा एक साथ शंख बजाकर रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही 'ड्रोन से ब्रह्मोस' प्रदर्शनी के माध्यम से भारत की तकनीकी ताकत का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
श्री गणेश सेवा मंडल द्वारा लक्ष्मी नगर के डीडीए मिनी क्रिकेट स्टेडियम में 14 से 25 सितंबर तक 25वां रजत जयंती समारोह मनाया जा रहा है।
यह आयोजन 'विघ्नहर्ता से विकासकर्ता' थीम पर आधारित है जिसमें सेमीकंडक्टर, रक्षा आत्मनिर्भरता और ड्रोन तकनीक में भारत की प्रगति को दिखाया गया है। भगवान गणेश की मूर्ति ने प्रतीकात्मक रूप से 'मेड इन इंडिया' ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइल और सेमीकंडक्टर थामे हुए हैं। पंडाल को 'द्वादश ज्योतिलिंग' के रूप में डिजाइन किया गया है जिसमें केदारनाथ मंदिर की केंद्रीय प्रतिकृति और नदी के इतिहास को दर्शाने वाली 'मिशन यमुना' प्रदर्शनी शामिल है।
आज उद्घाटन शोभायात्रा में 'विविधता में एकता' को दिखाया गया जिसमें शक्तिपीठों का प्रतिनिधित्व करने के लिए 52 महिलाओं ने 52 कलश उठाए।
कीर्ति नगर, आरके पुरम और नेताजी सुभाष पैलेस जैसे स्थानों पर भी प्रमुख उत्सव चल रहे हैं। आयोजकों ने भक्तों को सात्विक भोग लगाने, पर्यावरण के अनुकूल मूर्तियां उपयोग करने और धर्मसिंधु नियमों के अनुसार चतुर्दशी तिथि पर चंद्रमा के दर्शन से बचने जैसे पूजा नियमों का पालन करने की याद दिलाई है।