गफ्फार मार्केट में भीषण आग: 40 से ज्यादा दुकानें जलकर राख, मोबाइल बैटरी बनी वजह
करोल बाग के गफ्फार मार्केट में भीषण आग से 40 से ज्यादा दुकानें तबाह हुईं। मोबाइल बैटरी ओवरहीटिंग को माना जा रहा है हादसे की वजह।

दिल्ली के करोल बाग स्थित मशहूर गफ्फार मार्केट में शुक्रवार तड़के एक भीषण आग ने भारी तबाही मचाई। यह हादसा पुरी प्लाजा नामक चार मंजिला इमारत में हुआ, जहां देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 40 से 45 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी सुरक्षित बचा लिए गए। गफ्फार मार्केट आग की यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 1:28 बजे शुरू हुई, जब ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान में अचानक लपटें उठने लगीं।
आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी इमारत धुएं और आग के गोले में तब्दील हो गई। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस ने मोर्चा संभाला और मौके पर 22 से 27 दमकल गाड़ियां, वाटर बाउसर, तीन एम्बुलेंस और दो पीसीआर गाड़ियां भेजी गईं। दमकलकर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और इसे आसपास की अन्य इमारतों में फैलने से रोका। शुरुआती जांच में पुलिस और फायर अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल बैटरी के ओवरहीटिंग या ओवरचार्जिंग की वजह से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे यह भीषण आग लगी।
जांच और मुआवजे की मांग
इस हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। दिल्ली फायर सर्विस और इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जबकि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम मौके पर पहुंचकर ज्वलनशील पदार्थों की जांच करेगी। दिल्ली नगर निगम (MCD) भी इमारत की स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जांच करेगा। गौरतलब है कि यह बिल्डिंग 2005 के प्लान के तहत बनी थी और पहले यहां आग से जुड़ी कोई शिकायत दर्ज नहीं थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं, भाजपा दिल्ली अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और सांसद प्रवीण खंडेलवाल व योगेंद्र चंदोलिया ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। इस बीच, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने सरकार से मांग की है कि 11 नवंबर तक दिल्ली के 20 प्रमुख बाजारों में 24 घंटे फायर टेंडर तैनात रखे जाएं। साथ ही, प्रभावित छोटे व्यापारियों की मदद के लिए 100 करोड़ रुपये के 'ट्रेडर्स फायर डिजास्टर फंड' का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे व्यापारियों को 5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण मिल सके। दिल्ली व्यापार महासंघ ने भी त्योहारों के सीजन में भीड़ और स्टॉक बढ़ने के मद्देनजर पूरे शहर में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है।