शहरी सड़क विकास में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, खराब काम पर होगी कार्रवाई: नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अच्छे काम को पहचान मिलनी चाहिए और खराब काम के लिए सजा होनी चाहिए।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के शहरी सड़क बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने की वकालत की है। नई दिल्ली में आयोजित 'MARG 2026' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता तभी आएगी जब योजना बनाने और उसे लागू करने वाले लोग सक्षम होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अच्छे काम की सराहना होनी चाहिए, लेकिन अगर काम की गुणवत्ता खराब है, तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और परिणाम भुगतने चाहिए।
शहरी सड़कों के लिए नेशनल मिशन की जरूरत
गडकरी ने कहा कि जिस तरह भारत ने नेशनल हाईवे के जरिए शहरों के बीच की कनेक्टिविटी को बदला है, अब उसी जुनून के साथ शहरों के भीतर की सड़कों और रोजमर्रा के सफर को बदलने की जरूरत है। उन्होंने सड़क, मेट्रो और रेल एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की बात कही ताकि सीमित शहरी जमीन और संसाधनों का सही इस्तेमाल हो सके।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं:
- शहरी सड़कों के लिए एक राष्ट्रीय मिशन की शुरुआत करना ताकि सड़कें सुरक्षित और जन-केंद्रित बनें।
- निर्माण और रखरखाव के लिए साझा डिजाइन मानकों और गुणवत्ता-केंद्रित खरीद प्रक्रिया को अपनाना।
- नगरपालिका राजस्व बढ़ाने और दीर्घकालिक रखरखाव के लिए टिकाऊ वित्तपोषण तंत्र विकसित करना।
कार्यक्रम के दौरान NCAER के महानिदेशक सुरेश गोयल ने चिंता जताई कि शहरी सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्गों या ग्रामीण सड़कों जितनी प्राथमिकता नहीं मिली, जबकि ये जीवन की गुणवत्ता और व्यापार करने की आसानी (Ease of Doing Business) के लिए बेहद जरूरी हैं। वहीं, जननाग्रह के सीईओ श्रीकांत विश्वनाथन ने मांग की कि जिस तरह हाईवे के लिए एक सामूहिक राष्ट्रीय दृष्टिकोण रहा है, वैसा ही नजरिया अब शहरी सड़कों के लिए भी होना चाहिए।
चर्चा में बेंगलुरु की 'टेंडर S.U.R.E.' पहल और उत्तर प्रदेश की 'मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम' (CM GRIDS) जैसे सफल मॉडलों का जिक्र किया गया। बताया गया कि यूपी की इस योजना के तहत 17 शहरों में 290 किलोमीटर से अधिक शहरी सड़कों का कायाकल्प किया जा रहा है।