NCR में बढ़ेगा Namo Bharat का जाल: 4 नए कॉरिडोर के लिए DPR तैयार, इन शहरों को मिलेगा फायदा

दिल्ली-NCR में सफर को आसान बनाने के लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। NCRTC ने चार नए Namo Bharat कॉरिडोर के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट्स (DPR) सरकार को सौंप दी हैं। इन प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य पूरे रीजन में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।
- दिल्ली-करनाल, दिल्ली-बावल, बावल-बहरोड़ और गाजियाबाद-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कॉरिडोर का प्रस्ताव।
- सोमवार, 27 जुलाई 2026 को आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा में दी जानकारी।
- प्रोजेक्ट्स को 'कॉस्ट-इंटेंसिव' माना गया है, जिस पर अभी केंद्र सरकार तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन कर रही है।
गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट का सफर होगा आसान
गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कॉरिडोर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग ₹20,640 करोड़ होगी। यह कॉरिडोर 72.44 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें 12 स्टेशन और दो डिपो बनाए जाएंगे। इस रूट के बनने से यात्रियों का करीब 40 मिनट का समय बचेगा, जिससे दिल्ली-NCR के बीच आवाजाही और भी तेज हो जाएगी।
दिल्ली-बावल और दिल्ली-करनाल कॉरिडोर पर भी नजर
इससे पहले, दिल्ली-बावल और दिल्ली-करनाल कॉरिडोर को नवंबर 2025 में पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) से मंजूरी मिल चुकी है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स की कुल लागत करीब ₹65,000 करोड़ होने का अनुमान है और अब इन्हें यूनियन कैबिनेट की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने जनवरी 2026 में दिल्ली-बावल कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी थी, जो दिल्ली-अलवर RRTS का हिस्सा है। वहीं, दिल्ली-करनाल कॉरिडोर को दिल्ली-पानीपत रूट का विस्तार माना जा रहा है।
NCRPB की 'Transport for NCR-2032' योजना
ये सभी नए कॉरिडोर NCR प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) के 'Transport for NCR-2032' विजन का हिस्सा हैं। बोर्ड ने पूरे रीजन में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कुल आठ RRTS कॉरिडोर की पहचान की है। इसमें दिल्ली-गुड़गांव-रेवाड़ी-अलवर, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ और दिल्ली-सोनीपत-पानीपत जैसे प्रमुख रूट शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए NCR के बड़े शहरों को आपस में जोड़कर एक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार करने की योजना है।