दक्षिणी दिल्ली के सरिता विहार में डम्पर ट्रक की टक्कर से सीसीटीवी लगा रहे चार मजदूरों की दर्दनाक मौत

दिल्ली के सरिता विहार में रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हुआ। रोड नंबर 13 पर तेज रफ्तार डम्पर ट्रक ने एक खड़े क्रेन और ऑटो रिक्शा को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना 20 सितंबर 2026 को सुबह करीब 3:20 बजे हुई। उस समय यह टीम दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के 'सेफ सिटी प्रोजेक्ट' के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम कर रही थी। हादसे का शिकार हुए लोग सड़क पर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे।
इस दुर्घटना में मारे गए लोगों की पहचान ऑटो चालक 23 वर्षीय उमेश, तकनीशियन 35 वर्षीय प्रवीण, एचआर मैनेजर 34 वर्षीय सूरज और मजदूर 26 वर्षीय अनूप के रूप में हुई है। हादसे में घायल हुए 20 वर्षीय आकाश और 40 वर्षीय खेम सिंह को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। सातवें मजदूर सुधीर को कोई चोट नहीं आई क्योंकि वह घटना के समय दुर्घटना स्थल से कुछ दूरी पर मौजूद थे। खास बात यह है कि मृतकों में शामिल प्रवीण, अनूप और आकाश आपस में चचेरे भाई थे। इस बड़ी त्रासदी ने संगम विहार में रहने वाले उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
घटना को अंजाम देने के बाद हरियाणा नंबर का वह डम्पर ट्रक नोएडा की तरफ से आ रहा था और मौके से तुरंत फरार हो गया। सोमवार, 21 सितंबर 2026 तक आरोपी ड्राइवर पुलिस की पकड़ से बाहर है और दिल्ली पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। सरिता विहार पुलिस स्टेशन में इस मामले में एक एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारी आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं, डम्पर के रूट और स्पीड का पता लगा रहे हैं और मौके पर खड़े वाहनों की स्थिति का आंकलन कर रहे हैं।
जांच एजेंसियां इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि क्या रात के समय काम करवाने वाली निजी कंपनी ने सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए थे या नहीं। पीड़ित परिवारों ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया है कि कंपनी ने काम के दौरान जरूरी सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए थे। परिजनों का कहना है कि इस कार्यस्थल की स्थिति और सुरक्षा में लापरवाही के लिए कंपनी ने अभी तक कोई जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और फरार ड्राइवर की तलाश जारी है।