दक्षिण दिल्ली के जाफरपुर कलां में गोलीबारी मामले में चार गिरफ्तार, वॉयस नोट बना विवाद की वजह

दिल्ली के दक्षिण पश्चिम इलाके के जाफरपुर कलां में 12 सितंबर 2026 को हुई गोलीबारी की घटना के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों ने 21 सितंबर 2026 को इस बात की पुष्टि की है। गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान 24 साल के साहिल उर्फ छोटे, 28 साल के राहुल डागर उर्फ काला, 19 साल के यश उर्फ सोनू और 26 साल के जतिन उर्फ लाला के रूप में हुई है। इस घटना में पुलिस ने कुल चार लोगों को दबोचा है।
विवाद की वजह और गोलीबारी की घटना
डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब सभी आरोपी शराब पी रहे थे। इसी दौरान 34 साल के शिकायतकर्ता सुमित उर्फ मोनू ने कथित तौर पर एक आरोपी को धमकी भरा गाली-गलौज वाला वॉयस नोट भेज दिया था। इसके जवाब में आरोपियों ने हथियार उठाए और सुमित के घर पहुंच गए। वहां उन्होंने जान से मारने की नीयत से सुमित और उसकी पत्नी निशा पर गोलियां चला दीं।
फरार आरोपी और गिरफ्तारी
हमले के बाद सभी आरोपी हरियाणा भाग गए और झज्जर, रोहतक तथा बहादुरगढ़ के अलग-अलग ठिकानों पर छिप गए। द्वारका पुलिस की टीम ने 16 सितंबर 2026 को मित्राव गांव के पास एक जंगल से इन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दो अत्याधुनिक पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए, जिनका इस्तेमाल इस अपराध में किया गया था।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस की जांच में सामने आया है कि राहुल डागर का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पांच मामले दर्ज हैं। वहीं, यश का भी एक पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। डीसीपी सिंह के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस सबूत जुटाने का काम कर रही है।