उत्तर-पश्चिम दिल्ली में पहली बार सफल हार्ट ट्रांसप्लांट, फोर्टिस अस्पताल ने दी नई जिंदगी

Kittu Kumari8 October 20261 min read0 viewsDelhi Local
उत्तर-पश्चिम दिल्ली में पहली बार सफल हार्ट ट्रांसप्लांट, फोर्टिस अस्पताल ने दी नई जिंदगी

उत्तर-पश्चिम दिल्ली के चिकित्सा इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है। शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों ने इस क्षेत्र में पहली बार एक सफल फोर्टिस अस्पताल हार्ट ट्रांसप्लांट ऑपरेशन किया है। इस जटिल सर्जरी के जरिए 47 वर्षीय मरीज चंचल यादव को नया जीवन मिला है, जो अब स्वस्थ होने की राह पर हैं।

इस बड़ी उपलब्धि के पीछे अस्पताल की उन्नत कार्डियक केयर सुविधाएं और डॉक्टरों की सटीक योजना रही। सर्जरी के सीनियर डायरेक्टर और कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार मित्तल और फैसिलिटी डायरेक्टर नवीन शर्मा ने इस सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि इस तरह के जीवन रक्षक ऑपरेशनों की सफलता में नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) का समन्वय सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ग्रीन कॉरिडोर और पुलिस का अहम सहयोग

दिल की transplantation जैसी संवेदनशील सर्जरी के लिए समय का सही प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है। इससे पहले सितंबर 2026 में अस्पताल ने अपनी लॉजिस्टिक क्षमता का लोहा मनवाया था, जब हरियाणा के रोहतक स्थित पीजीआईएमएस (PGIMS) से एक डोनर हार्ट को दिल्ली लाने के लिए 95 किलोमीटर लंबा अंतरराज्यीय ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। दिल्ली और हरियाणा पुलिस के शानदार तालमेल की वजह से अंग को महज 63 मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया था, जिसने इस तरह के बड़े ऑपरेशनों के लिए रास्ता साफ किया।

मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि हार्ट ट्रांसप्लांट केवल एक सर्जरी नहीं, बल्कि एक लंबी प्रक्रिया है। इसमें मरीज का गहन क्लिनिकल मूल्यांकन और डोनर के साथ सटीक मैचिंग जरूरी होती है। सर्जरी के बाद भी मरीज को जीवनभर इम्यूनोसप्रेसेन्ट दवाओं का सेवन करना पड़ता है ताकि शरीर नए अंग को रिजेक्ट न करे। फोर्टिस अस्पताल अब इस तरह की उन्नत देखभाल के जरिए दिल्ली के ट्रांसप्लांट परिदृश्य को और मजबूत कर रहा है।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment