पूर्व भारतीय क्रिकेटर जैकब मार्टिन 22 साल पुराने आपराधिक मामले में बरी

Kittu Kumari21 August 20262 min read93 viewsNational
पूर्व भारतीय क्रिकेटर जैकब मार्टिन 22 साल पुराने आपराधिक मामले में बरी

New Delhi की पटियाला हाउस कोर्ट ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर और Vadodara के निवासी Jacob Martin को 22 साल पुराने एक आपराधिक मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह कानूनी प्रक्रिया 2004 में Indira Gandhi International Airport पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक First Information Report (FIR) से शुरू हुई थी, जिसमें मार्टिन पर अवैध प्रवासन गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। इस मामले की शुरुआत 2004 की एक घटना से हुई थी जिसमें Nimesh Patel शामिल थे, जो क्रिकेट क्लब के लिए खेलने के बहाने United Kingdom गए थे और बाद में UK immigration stamp फर्जी पाए जाने पर वापस भेज दिए गए थे। पटेल ने आरोप लगाया था कि मार्टिन ने Ajwa Sports Club के माध्यम से यात्रा और फर्जी दस्तावेजों की सुविधा दी थी।

कोर्ट का फैसला और सबूतों की कमी

कोर्ट ने अपने फैसले में यह माना कि अभियोजन पक्ष ऐसा कोई ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा जिससे यह साबित हो सके कि मार्टिन का Ajwa Sports Club पर कोई नियंत्रण था या क्रिकेटर और पटेल के परिवार के बीच कोई वित्तीय लेन-देन हुआ था। अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए कई गवाह आरोपों की पुष्टि करने में नाकाम रहे, और अदालत को ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि फर्जी immigration stamp हासिल करने के लिए मार्टिन ने कोई आपराधिक साजिश रची थी।

जैकब मार्टिन की प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत नुकसान

इस लंबे मामले में बरी होने के बाद, Martin ने इस बात का जिक्र किया कि उनका नाम मूल FIR में नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर होने के कारण उन्हें बाद में इसमें फंसाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला तब शुरू हुआ जब उनकी 2004 की टीम का एक सदस्य UK visa की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहां रुका रहा और फर्जी स्टाम्प के साथ वापस लौटा। मार्टिन ने इस फैसले पर राहत व्यक्त की और बताया कि इस 22 साल पुराने मामले के कारण उनके निजी और पेशेवर जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ा, जिसमें Indian Railways में उनकी नौकरी छूटना भी शामिल है।

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