दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेशियों के एक समूह द्वारा डांस करने और सोशल मीडिया रील बनाने का वीडियो ऑनलाइन काफी वायरल हो गया है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक सार्वजनिक बहस छिड़ गई है कि यात्रियों की राष्ट्रीयता के आधार पर ऐसे व्यवहार को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण क्यों अपनाए जाते हैं। यह वीडियो 13 सितंबर 2026 को इंस्टाग्राम पर यूजर मोहित सिंह द्वारा शेयर किया गया था, जिसमें सवाल उठाया गया कि विदेश में भारतीयों द्वारा ऐसा व्यवहार करने पर आलोचना क्यों होती है, जबकि इस मामले में कोई रोक-टोक नहीं दिखाई दी। इस घटना के बाद विमानन सुरक्षा नियमों पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, हालांकि कुछ टर्मिनल क्षेत्रों में फोटोग्राफी की अनुमति है, लेकिन सुरक्षा जांच चौकियों, बोर्डिंग गेट, रनवे और एप्रन क्षेत्रों जैसे संवेदनशील स्थानों पर सख्त प्रतिबंध लागू हैं।
इन जगहों पर कमर्शियल शूटिंग के लिए पहले से लिखित अनुमति लेनी पड़ती है, जिसमें DGCA, CISF, BCAS, दिल्ली पुलिस, कस्टम और इमीग्रेशन से मंजूरी लेनी होती है, जिसमें आमतौर पर तीन से पांच दिन का समय लगता है। इस प्रक्रिया की अधिक जानकारी
indiacinehub.gov.in पर उपलब्ध है। इन सुरक्षा और आचरण दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर उपकरण जब्त करने, जुर्माना लगाने या तीन महीने से दो साल की अवधि के लिए 'नो-फ्लाई लिस्ट' में डालने जैसी कार्रवाई हो सकती है।
हालांकि दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने इस विशेष वीडियो पर कोई विशिष्ट बयान जारी नहीं किया है, लेकिन एयरपोर्ट ऑपरेटर ने हाल ही में अनधिकृत मीडिया कंटेंट के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
सितंबर 2026 की शुरुआत में DIAL ने हवाई अड्डे के संचालन को दिखाने वाले भ्रामक या AI-जनित वीडियो फैलाने वाले 63 सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ FIR दर्ज की, जो सुरक्षा और संस्थागत प्रतिष्ठा बनाए रखने के प्रति प्राधिकरण की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।