दिल्ली: 10 रुपये के फटे नोट पर विवाद, फ्लिपकार्ट डिलीवरी एजेंट ने की आत्महत्या
दिल्ली के खिचड़ीपुर में 10 रुपये के फटे नोट को लेकर हुए विवाद के बाद फ्लिपकार्ट डिलीवरी एजेंट ने आत्महत्या की। पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया।

राजधानी दिल्ली के खिचड़ीपुर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज 10 रुपये के एक फटे नोट को लेकर शुरू हुआ विवाद एक युवा की जान ले बैठा। 24 वर्षीय समीर हुसैन सैफी, जो फ्लिपकार्ट के साथ डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम करता था, ने कथित तौर पर पुलिस की कथित निष्क्रियता और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
घटना की शुरुआत 4 अक्टूबर 2026 की रात को हुई। बताया जा रहा है कि समीर ने कंपनी की पॉलिसी का पालन करते हुए एक ग्राहक से फटे हुए 10 रुपये के नोट को लेने से इनकार कर दिया था। इस बात पर ग्राहक रामपाल सिंह (65) और उनके बेटे बंटी (30) भड़क गए और उन्होंने समीर के साथ मारपीट की। इस घटना के बाद समीर ने 5 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उसे लगा कि उसकी सुनवाई नहीं हो रही है और उसे काफी अपमानित किया गया है।
पुलिस कार्रवाई में देरी और परिवार के गंभीर आरोप
हताशा में डूबे समीर ने कुछ वीडियो रिकॉर्ड किए थे, जिनमें उसने चेतावनी दी थी कि अगर 24 घंटे के भीतर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह जहर खा लेगा। जब समय सीमा बीत गई और उसे कोई समाधान नहीं मिला, तो उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। उसे लाल बहादुर शास्त्री (LBS) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 16 दिनों तक मौत से जंग लड़ने के बाद 20 अक्टूबर को उसने दम तोड़ दिया।
इस मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब समीर के चाचा मोहम्मद शाहिद सैफी ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही की वजह से यह कदम उठाना पड़ा। परिवार का यह भी दावा है कि आरोपी किसी राजनीतिक रसूख वाले व्यक्ति के रिश्तेदार हैं, जिस कारण मामले को दबाने की कोशिश की गई। साथ ही, आरोप है कि फ्लिपकार्ट के एक मैनेजर तरुण ने समीर को इस घटना को परिवार से छिपाने की सलाह दी थी और इसे एक छोटा विवाद बताया था।
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने आरोपी रामपाल सिंह और उनके बेटे बंटी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। शुरुआत में यह मामला केवल मारपीट का था, लेकिन समीर की मौत के बाद पुलिस ने इसमें आत्महत्या के लिए उकसाने (धारा 306) की गंभीर धाराएं जोड़ दी हैं। शोक संतप्त परिवार ने अब मेडिकल बोर्ड के जरिए पोस्टमार्टम, आईसीयू के सीसीटीवी फुटेज और इलाज की पूरी रिपोर्ट की मांग की है। बेहद दुखद बात यह है कि 22 अक्टूबर को समीर का 25वां जन्मदिन था, लेकिन वह इसे मनाने के लिए नहीं रहा।