त्योहारों पर हवाई टिकटों की कीमतों में भारी उछाल, दिल्ली-कोलकाता रूट का किराया 78 हजार के पार

दिवाली और छठ पूजा के चलते हवाई टिकटों के दाम 7 गुना तक बढ़ गए हैं। दिल्ली-कोलकाता रूट का किराया 78 हजार पार।

Kittu Kumari29 October 20262 min read0 viewsNational
त्योहारों पर हवाई टिकटों की कीमतों में भारी उछाल, दिल्ली-कोलकाता रूट का किराया 78 हजार के पार

देश में दिवाली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों की आहट के साथ ही हवाई यात्रा करना आम आदमी की जेब पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। त्योहारों के दौरान अपने घर जाने वालों की भारी भीड़ और डिमांड की वजह से हवाई टिकटों की बढ़ती कीमतें अब आसमान छू रही हैं। कुछ रूटों पर तो किराए में दो से सात गुना तक की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यात्रियों के होश उड़ गए हैं।

सबसे बुरा हाल दिल्ली-कोलकाता रूट का है, जहां एक तरफा किराया 78,000 रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। इसी तरह मुंबई से पटना जाने वाले यात्रियों को करीब 30,000 रुपये और बेंगलुरु से पटना के लिए 29,000 रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा मुंबई से रांची का किराया 26,000 रुपये और भुवनेश्वर से रांची का किराया 25,665 रुपये तक पहुंच गया है। रायपुर से पुणे जाने वाले टिकटों की कीमत भी करीब 20,000 रुपये हो गई है। दिल्ली-हैदराबाद रूट पर किराए में 68% की वृद्धि हुई है, जबकि रायपुर से दिल्ली और मुंबई जाने वाले टिकट सामान्य से तीन गुना महंगे हो गए हैं।

क्यों बढ़ रहे हैं हवाई किराए?

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इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट और अकासा एयर जैसी कंपनियां 'डायनेमिक प्राइसिंग' मॉडल का इस्तेमाल कर रही हैं, जिसमें सीटों की उपलब्धता और मांग के आधार पर दाम तय होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की ऊंची कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने भी इन दामों को बढ़ाने में भूमिका निभाई है।

इस पूरे मामले पर नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया है कि सरकार त्योहारों के दौरान हवाई किराए पर कोई ऊपरी सीमा (कैप) नहीं लगाएगी, हालांकि एयरलाइंस को उचित कीमतें रखने की सलाह दी गई है। वहीं, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि 'भारतीय विमान अधिनियम, 2024' के तहत नए नियम तैयार किए जा रहे हैं ताकि किराए में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित किया जा सके। इन नियमों की जानकारी 16 नवंबर, 2026 को अगली सुनवाई में दी जाएगी।

किरायों के साथ-साथ सरकार ने सर्दियों के मौसम की तैयारी भी शुरू कर दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को 15 दिसंबर, 2026 से 15 फरवरी, 2027 तक चलने वाले कोहरे के मौसम के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। एयरलाइंस को कहा गया है कि वे कम विजिबिलिटी में ऑपरेशन चलाने वाले योग्य क्रू और विमान सुनिश्चित करें और फ्लाइट में देरी या बदलाव की जानकारी यात्रियों को एसएमएस और ईमेल के जरिए समय पर दें।

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