गफ्फार मार्केट के पुरी प्लाजा में भीषण आग, 22 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू
करोल बाग के गफ्फार मार्केट स्थित पुरी प्लाजा में भीषण आग लगी। 22 दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया, कोई हताहत नहीं।

देश की राजधानी दिल्ली के करोल बाग इलाके में स्थित मशहूर गफ्फार मार्केट में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ चेन वाली गली के पुरी प्लाजा नामक कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि इसे बुझाने के लिए दमकल विभाग को 22 गाड़ियां तैनात करनी पड़ीं। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी के हताने या जान जाने की खबर नहीं है।
घटना शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 की रात करीब 1:30 बजे की है। यह चार मंजिला इमारत है, जिसमें हर मंजिल पर करीब 14 से 15 दुकानें हैं। इन दुकानों में मुख्य रूप से मोबाइल एक्सेसरीज और क्रॉकरी का सामान रखा था, जिसकी वजह से आग तेजी से फैली। मौके पर तुरंत फायर टेंडर्स, वॉटर बाउजर्स और टैक्टिकल रेस्क्यू यूनिट्स को भेजा गया। साथ ही तीन एम्बुलेंस और पुलिस कंट्रोल रूम की गाड़ियां भी तैनात की गईं।
बैटरी ओवरचार्जिंग बनी वजह?
डेप्युटी चीफ फायर ऑफिसर एमके चट्टोपध्याय ने बताया कि बिल्डिंग में वेंटिलेशन की भारी कमी थी और केवल एक ही सीढ़ी होने के कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि आग ग्राउंड फ्लोर की एक मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान से शुरू हुई। आशंका जताई जा रही है कि लिथियम-आयन बैटरी के ओवरहीटिंग या ओवरचार्जिंग की वजह से शॉर्ट सर्किट हुआ होगा।
हादसे की जानकारी मिलते ही सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने मौके का दौरा किया और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और आश्वासन दिया कि प्रभावित दुकानदारों के मुआवजे के लिए सरकार से चर्चा की जाएगी। अब इस मामले की पूरी रिपोर्ट फायर विभाग, इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) से ली जाएगी। इसके अलावा, एमसीडी (MCD) को बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जांच करने का काम सौंपा गया है ताकि यह तय किया जा सके कि इमारत अब सुरक्षित है या नहीं।