CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर मंतर प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की 3 FIR

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर मंतर के पास हुए विरोध प्रदर्शन ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के सिलसिले में कम से कम तीन अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी निष्पक्षता को लेकर विपक्षी दलों द्वारा चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा था।
पुलिस की कार्रवाई की बात करें तो संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में दो FIR दर्ज की गई हैं, जबकि एक मामला कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223, 221, 132 और 3(5) लगाई गई है। प्रदर्शनकारियों पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होने के आरोप लगाए गए हैं।
विपक्ष के गंभीर आरोप और पुलिस की सख्ती
यह पूरा विवाद तब गहराया जब एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में वोटर लिस्ट, पंजीकरण और तकनीकी प्रणालियों से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। इसी पृष्ठभूमि में प्रदर्शनकारियों ने SIR एक्सरसाइज में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के केंद्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। पुलिस ने पहले ही इस विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत पाबंदियां लगाई थीं। इसके बावजूद जब प्रदर्शन हुआ, तो आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के जरिए आम आदमी के वोटों को "छीना" जा रहा है। वेणुगोपाल के अनुसार, यह लड़ाई देश के लोकतंत्र और आम नागरिक के वोट को बचाने की है, जिसे वह एक 'करो या मरो' की जंग बता रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।