एफसीआरए संशोधन विधेयक 2026 पर संसदीय समिति की पहली बैठक संपन्न

विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक 2026 की जांच के लिए गठित नई संसदीय संयुक्त समिति की पहली बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने समिति के सदस्यों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रस्तावित संशोधनों के मुख्य उद्देश्यों और नीतिगत ढाचे के बारे में बताया। यह बैठक इस बात पर केंद्रित थी कि कैसे ये संशोधन गैर-सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और थिंक टैंक के लिए वित्तीय पारदर्शिता और परिचालन अनुपालन को बदलेंगे।
बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने बताया कि चर्चा बहुत अच्छी रही और सभी दलों के सांसदों ने इसमें हिस्सा लिया। संजय जायसवाल ने कहा कि यह बैठक बहुत अच्छे माहौल में हुई और सभी सांसदों ने सवाल पूछे। समिति के पास शीतकालीन सत्र से पहले रिपोर्ट सौंपने का जनादेश है और वे इसे पूरा कर लेंगे। यह विधेयक हाल ही में समाप्त हुए मानसून सत्र में संयुक्त समिति को सौंपा गया था।
लोकसभा में इस विधेयक को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पेश किया था। समिति को संसद के शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इस विधेयक को 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था और इसके संशोधित नियम 22 जून को अधिसूचित किए गए थे।
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इन संशोधनों का विरोध किया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इनका उपयोग एनजीओ, अल्पसंख्यक संस्थानों और विदेशी चंदा पाने वाले संगठनों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। वहीं सरकार का कहना है कि ये संशोधन विदेशी चंदे के इस्तेमाल में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए हैं।