रामलीला मैदान में गरजे फारूक अब्दुल्ला, बोले- जम्मू कश्मीर था, है और रहेगा भारत का हिस्सा
दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली में फारूक अब्दुल्ला और मेहबूबा मुफ्ती ने संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों पर जोर दिया।

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की एक बड़ी रैली में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने देश के संविधान और लोकतंत्र पर जोर दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित इस रैली में अब्दुल्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत का संविधान सबको समान अधिकार देता है और हर नागरिक के वोट की कीमत बराबर है। उन्होंने इस बात को दोहराया कि जम्मू और कश्मीर हमेशा भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है और आगे भी रहेगा, इसे अलग करने की कोई कोशिश कामयाब नहीं होगी।
रैली को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मुसलमानों को बाहरी बताकर उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाते हैं और उन्हें 'पाकिस्तानी' कहने की कोशिश करते हैं। अब्दुल्ला ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने और उनके साथियों ने देश के लिए अपना खून बहाया है। उन्होंने कहा, "हमने अतीत में खून दिया, आज दे रहे हैं और भविष्य में भी देंगे। यह अंबेडकर का संविधान है और हम सब इसमें समान हैं।"
लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने की अपील
इसी मंच से पीडीपी प्रमुख मेहबूबा मुफ्ती ने भी अपनी बात रखी और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की अपील की। उन्होंने 2019 में जम्मू और कश्मीर में हुए संवैधानिक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के लोगों ने बहुत कुछ खोया है। मुफ्ती ने चेतावनी दी कि जिस संविधान ने नागरिकों को सरकार बदलने और चुनने का अधिकार दिया है, उसे छीनने की कोशिश की जा रही है।
मेहबूबा मुफ्ती ने देश के अन्य हिस्सों के लोगों को आगाह करते हुए कहा कि वे सतर्क रहें, ताकि पूरे देश की स्थिति वैसी न हो जाए जैसी 2019 के बाद जम्मू और कश्मीर की हुई। उन्होंने कहा कि वे इस संघर्ष में देश के नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे।