भोपाल में मूंग की MSP को लेकर बड़ा किसान आंदोलन, Gen-Z का मिला साथ

भोपाल में 29 जुलाई 2026 को हजारों किसानों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में Gen-Z के युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी किसान नर्मदापुरम, हरदा और मंदसौर जैसे जिलों से राशन और बिस्तर लेकर राजधानी पहुंचे हैं और उन्होंने मांग पूरी होने तक डटे रहने का संकल्प लिया है।
- मूंग की 100% सरकारी खरीद MSP पर करने की मांग।
- प्रति एकड़ 20 क्विंटल की सीमा खत्म करने और e-token सिस्टम हटाने की मांग।
- खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग।
प्रदर्शन हुआ उग्र, शहर में भारी ट्रैफिक जाम
किसानों का प्रदर्शन उस समय और तेज हो गया जब वे मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान उन्होंने ग्यारह मील, मिसरोद और बाग सेवनिया में पुलिस बैरिकेड्स तोड़ दिए। इस भारी भीड़ के कारण होशंगाबाद रोड और सावरकर सेतु जैसे मुख्य रास्तों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने शहर के कई प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी।
सरकार ने बनाई कमेटी, समाधान की कोशिश जारी
किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा तय खरीद सीमा के कारण उन्हें प्रति एकड़ 10,000 से 12,000 रुपये का नुकसान हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को सुलझाने के लिए चार मंत्रियों की एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जिसमें ऐंदल सिंह कंषाना, राकेश सिंह, विश्वास सारंग और कृष्णा गौर शामिल हैं। इससे पहले कृषि मंत्री के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही थी।
केंद्र को लिखा पत्र, विपक्ष ने साधा निशाना
राज्य सरकार ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग खरीद का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। विपक्ष की कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। फिलहाल, किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उन्होंने तब तक पीछे हटने से इनकार कर दिया है जब तक उनकी सभी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं।