किसान आंदोलन: दिल्ली कूच के तहत कंटेनर और बेरिकेड लगाकर खनौरी बॉर्डर सील, भारी पुलिस बल तैनात

किसान संगठनों के दिल्ली कूच और जंतर-मंतर तक प्रस्तावित पैदल मार्च को लेकर जींद जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसान नेताओं के दिल्ली जाने के आह्वान के बाद पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खनौरी में दिल्ली जाने वाले रास्ते को कंटेनर, बेरिकेड, कंक्रीट ब्लॉक्स और कंटीले तार लगाकर बंद कर दिया गया है।
किसानों का पैदल मार्च और नेतृत्व
गैर-एसकेएम किसान संगठनों की ओर से निकाले जा रहे इस पैदल मार्च का नेतृत्व किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल कर रहे हैं। मार्च में 51 मुख्य किसान शामिल होंगे, जबकि उनके साथ करीब 200 अन्य किसान भी पैदल दिल्ली की ओर कूच करेंगे। किसानों का 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में खनौरी के गुरुद्वारा साहिब से जत्था बॉर्डर की तरफ रवाना हुआ, लेकिन बार्डर से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
प्रमुख मांगें और बॉर्डर सील
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध और MSP की कानूनी गारंटी समेत अन्य किसान मुद्दों को लेकर यह दिल्ली कूच किया जा रहा है। किसानों की मांगों में MSP गारंटी के साथ कर्ज, पेंशन और खेत मजदूरों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। हरियाणा पुलिस प्रशासन ने खनौरी का दाता सिंह वाला बॉर्डर एक बार फिर सील कर दिया है और कंक्रीट के बेरिकेड, बड़े-बड़े पत्थर तथा लोहे के बेरिकेड वेल्डिंग करके रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया है।
प्रशासनिक तैयारियां और किसानों के आरोप
नरवाना नहर पुल से लेकर बॉर्डर क्षेत्र तक पुलिस की भारी तैनाती की गई है और वाटर कैनन तथा वज्र वाहन भी तैनात किए गए हैं। किसान संगठनों ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण मार्च के बावजूद हरियाणा प्रशासन द्वारा रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा रास्ते रोककर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को बाधित किया जा रहा है और ब्लॉक स्तर तक के किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की गई है।