हरियाणा पुलिस द्वारा खनौरी बॉर्डर पर मार्च रोकने के बाद किसानों ने शुरू की 'किसान बचाओ पदयात्रा', जानिए पूरी खबर

भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रमुख जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार से दिल्ली की ओर शांतिपूर्ण मार्च की अनुमति देने की अपील की है। 51 किसानों के दल का नेतृत्व करते हुए, डल्लेवाल ने 16 अगस्त को 'किसान बचाओ पदयात्रा' शुरू की है, जिसका उद्देश्य प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए 29 अगस्त तक जंतर-मंतर पहुंचना है (Source)।
मुख्य बिंदु
- जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पीएम मोदी और हरियाणा सरकार से शांतिपूर्ण मार्च की अनुमति मांगी है।
- 51 किसानों के साथ 16 अगस्त को 'किसान बचाओ पदयात्रा' शुरू की गई है जो 29 अगस्त को जंतर-मंतर पहुंचेगी।
- यह विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ है।
- आंदोलनकारी कृषि क्षेत्र को ट्रेड डील से बाहर रखने, एमएसपी की कानूनी गारंटी और कर्ज माफी की मांग कर रहे हैं।
- प्रशासन ने खनौरी-डाटा सिंहवाला बॉर्डर को सील कर दिया है और भारी पुलिस बल तैनात किया है।
किसान यात्रा और प्रमुख मांगें
मार्च में शामिल लोग कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों को ट्रेड समझौते से बाहर रखने, Minimum Support Price (MSP) के लिए कानूनी गारंटी और कृषि ऋण की पूरी माफी की मांग कर रहे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और बॉर्डर सील
अधिकारियों ने कंक्रीट ब्लॉक, कंटीले तारों और भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ खनौरी-डाटा सिंहवाला बॉर्डर को सील करके इस मूवमेंट को रोक दिया है। जींद के Superintendent of Police कुलदीप सिंह ने पुष्टि की है कि जिले में मौजूदा निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है।
वार्ता विफल और अगला कदम
किसान नेताओं और जींद की Deputy Commissioner वैशाली शर्मा के बीच बातचीत के दो दौर विफल होने के बाद, प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन जारी रखने के लिए बॉर्डर साइट पर स्थायी कैंप स्थापित करने की योजना की घोषणा की है।