फरीदाबाद के युवक की गुरुग्राम सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, कंपनी के गेट पर परिजनों का हंगामा

फरीदाबाद के पर्वतीय कॉलोनी के रहने वाले 20 वर्षीय युवक कृष की गुरुग्राम में एक सड़क हादसे में मौत हो गई है। इस घटना के बाद परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस खबर की विस्तृत जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से सामने आई है।
* पर्वतीय कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय कृष गुरुग्राम में सड़क हादसे का शिकार हुआ।
* कृष सुरूरपुर इंडस्ट्रियल एरिया की प्रेसवेल टूल एंड कंपोनेंट कंपनी में हेल्पर था।
* हादसे में ट्रक ड्राइवर और कृष दोनों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
* परिजनों ने कंपनी के गेट पर शव रखकर नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग की।
सड़क हादसे की पूरी घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृष सुरूरपुर इंडस्ट्रियल एरिया की गली नंबर-8 स्थित प्रेसवेल टूल एंड कंपोनेंट कंपनी में हेल्पर के तौर पर काम करता था। मंगलवार को कंपनी की ओर से उसे एक कंटेनर ट्रक में लदे माल को गुरुग्राम के सेक्टर-10 में उतरवाने के लिए ट्रक ड्राइवर के साथ भेजा गया था। परिवार का आरोप है कि कृष का काम कंपनी में हेल्पर का था, लेकिन उसे कई बार ट्रक के साथ बाहर माल लोड और अनलोड करवाने के लिए भेजा जाता था। मंगलवार को गुरुग्राम सेक्टर-10 में माल उतरवाने के बाद कंटेनर ट्रक वापस आ रहा था। इसी दौरान रास्ते में कंटेनर ट्रक एक बड़े वाहन से टकरा गया। हादसे में ट्रक चालक और ड्राइवर साइड बैठे कृष गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद राहगीरों ने दोनों को किसी तरह वाहन से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार देर शाम दोनों की मौत हो गई। गुरुग्राम पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
कंपनी के गेट पर परिजनों का हंगामा और आरोप
बुधवार शाम कृष का शव फरीदाबाद पहुंचा। इसके बाद परिजन शव को लेकर सीधे कंपनी के गेट पर पहुंच गए और उसे गेट के बाहर रखकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे की सूचना मिलने पर संजय कॉलोनी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया। कृष के पिता निरंजन ने आरोप लगाया कि मंगलवार को उनके बेटे ने कंपनी के सुपरवाइजर से गुरुग्राम जाने से मना किया था। इसके बावजूद उसकी बात नहीं मानी गई और उसे ट्रक चालक के साथ बाहर भेज दिया गया। इसी दौरान हुए सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। निरंजन ने कंपनी मालिक और सुपरवाइजर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को अगर बाहर जाने के लिए मजबूर नहीं किया जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता और परिवार को बेटे की मौत का इंसाफ चाहिए तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।