फरीदाबाद: सड़क हादसे में मां को खोने का गम, बेटों ने अंगदान कर पेश की इंसानियत की मिसाल
फरीदाबाद में सड़क हादसे में जान गंवाने वाली मीरा देवी के बेटों ने अंगदान कर इंसानियत की मिसाल पेश की। पढ़ें पूरी कहानी।

फरीदाबाद में एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं, लेकिन उस दुख की घड़ी में भी बेटों ने जो फैसला लिया, उसने सबको भावुक कर दिया। सड़क हादसे का शिकार हुई मीरा देवी की मौत के बाद उनके बेटों ने अपनी मां के अंगों को दान करने का निर्णय लिया, ताकि उनकी मां के जरिए किसी और को जीवन का उपहार मिल सके।
यह पूरी घटना बेहद दर्दनाक रही। 16 अक्टूबर को एक सड़क हादसे में मीरा देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें तुरंत इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। परिवार को पूरी उम्मीद थी कि उनकी मां जल्द ठीक होकर घर लौट आएंगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। 24 अक्टूबर को अचानक उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें फरीदाबाद के बादशाह खान नागरिक अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दुख के बीच लिया नेक फैसला
मां के जाने से परिवार पूरी तरह टूट चुका था, लेकिन बेटे शुभम और अन्य सदस्यों ने इस गहरे सदमे के बीच एक ऐसा कदम उठाया जो समाज के लिए प्रेरणा बन गया। उन्होंने तय किया कि उनकी मां के अंग किसी जरूरतमंद के काम आएं और किसी दूसरे परिवार को अपने प्रियजन के साथ जीने का एक और मौका मिले।
परिवार की इस नेक इच्छा के बारे में जैसे ही फरीदाबाद के सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा को पता चला, उन्होंने तुरंत दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) की विशेष मेडिकल टीम से संपर्क किया। एम्स की टीम फरीदाबाद पहुंची और जरूरी चिकित्सीय प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए अंगदान की पूरी कार्रवाई संपन्न की। मीरा देवी भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अंगों के जरिए कई लोगों की जिंदगी में उम्मीद की नई किरण जगेगी।