फरीदाबाद में पानी और सीवर के नए रेट लागू, उपभोक्ताओं की बढ़ी मुश्किलें

Kittu Kumari25 August 20262 min read106 viewsNCR
फरीदाबाद में पानी और सीवर के नए रेट लागू, उपभोक्ताओं की बढ़ी मुश्किलें

फरीदाबाद में प्रॉपर्टी टैक्स के बाद अब पानी और सीवर के बिलों में बदलाव से लाखों लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पडऩे वाला है। सरकार ने पानी और सीवर शुल्क की नई दरें लागू कर दी हैं। इसका सीधा असर करीब साढ़े तीन लाख वैध पानी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। शहर में करीब सात लाख प्रॉपर्टी यूनिट हैं, लेकिन पानी के वैध कनेक्शन लगभग आधे ही हैं। नई व्यवस्था में पानी की खपत को कम करने और लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया है। अब जितना अधिक पानी इस्तेमाल होगा, उपभोक्ता को उतना ही ज्यादा बिल चुकाना पड़ेगा।

पानी और सीवर की बढ़ी हुई दरें

पानी की दर में पहले के मुकाबले बड़ा बदलाव किया गया है। पहले पानी की खपत के लिए एक रुपए प्रति किलोलीटर की दर से शुल्क लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर तीन रुपए प्रति किलोलीटर कर दिया गया है। यानी इस हिसाब से सीधे 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। नई दरों में छोटे मकान मालिकों को कुछ राहत भी दी गई है। 500 वर्ग गज तक के घरेलू कनेक्शन में 10 किलो लीटर तक पानी की खपत पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके बाद 10 से 20 किलोलीटर तक छह रुपए प्रति किलो लीटर और 20 से 30 किलोलीटर तक साढ़े नौ रुपए प्रति किलो लीटर की दर लागू होगी। 30 किलोलीटर से अधिक खपत पर 12 रुपए प्रति किलो लीटर शुल्क देना होगा।

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बिना मीटर कनेक्शन और सीवर शुल्क के नियम

मीटर नहीं लगे कनेक्शनों के लिए भी सरकार ने नई दरें निर्धारित की हैं। पहले ऐसे उपभोक्ताओं से औसतन 48 रुपए मासिक शुल्क लिया जाता था। अब यह राशि कनेक्शन की श्रेणी के अनुसार 175 से 870 रुपए प्रति माह तक हो सकती है। घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शनों पर सीवर शुल्क पानी के बिल का 25 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।

अवैध कनेक्शनों पर होगी सख्त कार्रवाई

नगर निगम कमिश्नर यशेंद्र सिंह ने कहा कि नई व्यवस्था में अवैध पानी और सीवर कनेक्शनों पर भी नगर निगम को सख्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध कनेक्शन मिलने पर 500 से 1200 रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी। नई दरों के लागू होने के बाद क्षेत्रीय कराधान शाखा के अधिकारी उपभोक्ताओं का डाटा तैयार करने में जुट गए हैं।

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