फरीदाबाद में बिजली संकट से हाहाकार, गुस्साए लोगों ने सड़कों पर लगाया जाम
फरीदाबाद में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से अंधेरा छाया, पानी की किल्लत और जाम से लोग परेशान। जानें क्या है पूरा मामला।

हरियाणा के फरीदाबाद में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई इलाकों में पिछले 24 घंटों से बिजली गुल होने के कारण लोग इस कदर परेशान हो गए कि वे अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए सड़कों पर उतर आए। फरीदाबाद बिजली संकट का असर इस कदर बढ़ा कि शहर के विभिन्न हिस्सों में भारी जाम लग गया और लोगों को घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा।
बिजली की इस किल्लत ने लोगों के सामने बुनियादी जरूरतों का संकट खड़ा कर दिया है। एनआईटी-2, टीटू कॉलोनी, पल्ला और सारण जैसे इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। बिजली न होने से पानी की सप्लाई ठप हो गई है, जिसके कारण लोग पीने के पानी के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए। वहीं, अंधेरे के कारण बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ा है; कई छात्र रात के समय मोबाइल की टॉर्च जलाकर पढ़ने को मजबूर हुए।
विधायक दफ्तर और पावर हाउस पहुंचे प्रदर्शनकारी
गुस्साए लोगों ने गुरुवार रात सारण चौक पर जाम लगा दिया, जो शुक्रवार दोपहर तक जारी रहा। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-10 स्थित भाजपा विधायक मूलचंद शर्मा के कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्षद दीपक चौधरी भी मौजूद रहे, जिन्होंने बिजली कटौती से घरेलू कामकाज और बच्चों की शिक्षा में आ रही बाधाओं का मुद्दा उठाया। लोग सेक्टर-64 स्थित बिजली पावर हाउस भी पहुंचे और विभाग के प्रति अपना कड़ा आक्रोश जताया।
इस पूरे संकट की जड़ बिजली कर्मचारियों की हड़ताल है, जो 24 अक्टूबर तक चलने वाली है। कर्मचारियों का विरोध गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का लाइसेंस एक निजी कंपनी 'इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड' को 25 साल के लिए देने के फैसले के खिलाफ है। कर्मचारियों का मानना है कि इस फैसले से बिजली निगम और उनके हितों को बड़ा नुकसान होगा। हड़ताल की वजह से फॉल्ट ठीक करने और शिकायतों के निपटारे का काम पूरी तरह ठप है, जिससे शहर के बैंक और दफ्तरों में भी काम प्रभावित हो रहे हैं।