फरीदाबाद: प्रदूषण रोकने में लापरवाही, 25 निर्माण साइटों को मिला नोटिस
फरीदाबाद में बढ़ते प्रदूषण के बीच GRAP-1 लागू। नियमों की अनदेखी करने वाली 25 कंस्ट्रक्शन साइट्स को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने थमाया नोटिस।

दशहरे के बाद फरीदाबाद में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है, जिसके चलते प्रशासन ने GRAP-1 के प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। इस स्थिति में निर्माण कार्यों के दौरान धूल को रोकने के कड़े इंतजाम होने चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने जब शहर की निर्माणाधीन साइटों का निरीक्षण किया, तो वहां भारी लापरवाही सामने आई, जिसके बाद बोर्ड ने 25 साइटों को नोटिस जारी किया है।
बोर्ड की टीम ने पिछले तीन दिनों के भीतर कुल 50 से ज्यादा साइटों की जांच की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण सामग्री को खुले में रखा गया था और उसे ढकने का कोई प्रबंध नहीं था। साथ ही, धूल को दबाने के लिए पानी का छिड़काव करने जैसे जरूरी इंतजाम भी गायब थे। गौरतलब है कि बोर्ड ने नगर निगम को पहले ही पत्र लिखकर आगाह किया था कि निगम द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों में धूल रोकने के पुख्ता इंतजाम हों, लेकिन फिर भी नियमों की अनदेखी की गई।
शहर की हवा जहरीली, निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल
सोमवार को शहर में PM 10 का स्तर 117 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के बढ़ते खतरे को दर्शाता है। हालांकि, GRAP लागू होने के बाद नगर निगम ने चार एंटी स्माग गन के जरिए छिड़काव शुरू कर दिया है, लेकिन निर्माण साइटों पर धूल रोकने और सड़कों किनारे कूड़े में आग लगाने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
अमूमन अक्टूबर के अंत तक प्रदूषण और ठंड बढ़ने के कारण निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी जाती है, लेकिन इस बार शहर के कई हिस्सों में काम जारी है। लोग कूड़े के निस्तारण के बजाय उसमें आग लगा रहे हैं, जिससे हवा और जहरीली हो रही है। जब इस बारे में निगम अधिकारियों से पूछा गया, तो उनका कहना है कि त्योहारी सीजन के बाद चालान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बल्लभगढ़ के क्षेत्रीय अधिकारी हरीश कुमार ने पुष्टि की है कि 50 साइटों के दौरे के दौरान 25 जगहों पर गंभीर लापरवाही पाई गई, जिसके चलते उन्हें नोटिस थमाया गया है।