फरीदाबाद के गांव सोतई में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम शुरू, महिला हिरासत में ली गई

फरीदाबाद के सोतई गांव में पुलिस बल के साथ शुरू हुआ एक्सप्रेसवे का निर्माण
फरीदाबाद में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य बुधवार को पुलिस की मदद से सोतई गांव में शुरू हो गया है। सोतई गांव में जाट पट्टीशामलात भूमि पर यह काम शुरू किया गया है। कार्रवाई के दौरान सुबह एक महिला ने इसका विरोध किया, जिसे पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया। इस दौरान मौके पर एसडीएम मयंक भारद्वाज, तहसीलदार भूमि का लांबा, एसीपी सदर अशोक कुमार और महिला थाना प्रभारी सुनीता पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। फिलहाल मौके पर अर्थ मूवर से भूमि को समतल करने और मार्ग पर मिट्टी में पत्थर फैलाने का काम चल रहा है। एनएचएआई सेक्टर-65 में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 32 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बना रहा है।
पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प, पंद्रह किसान गिरफ्तार
सोतई गांव में एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू कराने गई पुलिस और ग्रामीणों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस घटना में सात पुरुष और महिलाओं को चोटें आई हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उधर पुलिस ने मौके से 15 किसानों को गिरफ्तार करके उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। किसानों का कहना है कि वे इस भूमि पर लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं और एनएचएआई ने उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं दिया है। भूमि अर्जन अधिकारी ने मुआवजा कोर्ट में जमा कराया हुआ है, और इस मुआवजे को लेकर नगर निगम ने भी अपना दावा पेश किया हुआ है।
मुआवजे के विवाद को लेकर अड़े हैं किसान और प्रशासन
एनएचएआई का कहना है कि मुआवजा कोर्ट में जमा है और अदालत जिसकी भूमि बताएगी, उसे मुआवजा दे दिया जाएगा। वहीं किसानों का साफ कहना है कि भूमि पर उनका कब्जा है और वे खेती करते आ रहे हैं, इसलिए पहले उन्हें मुआवजा दिया जाए। इस मामले को लेकर पिछले दिनों 12 गांवों की पंचायत भी हुई थी जिसमें यह फैसला लिया गया था कि मुआवजा नहीं तो भूमि पर कब्जा नहीं दिया जाएगा। मुआवजे की मांग को लेकर विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया ने भी यह मामला उठाया था। ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया और इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।