फरीदाबाद: फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर सवा करोड़ की ठगी, 6 आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद के साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने sवा करोड़ रुपये की ठगी के मामले में छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर एक वरिष्ठ नागरिक से 1 करोड़ 24 लाख 45 हजार रुपये ठगने वाले इन आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी रौनक पाल, राकेश पाल, शुभम राय, अमन दुबे, ओमकार और रणजीत के रूप में हुई है।
मुख्य बिंदु:
- सीबीआई अधिकारी बनकर वरिष्ठ नागरिक से 1.24 करोड़ रुपये की ठगी।
- साइबर थाना सेंट्रल ने 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया।
- आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज भेजकर डराया और पैसे ट्रांसफर करवाए।
- इस मामले में पहले ही 7 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
ठगी का तरीका और आरोपियों की भूमिका
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ओमकार और रणजीत बिहार, झारखण्ड और छत्तीसगढ से युवाओं को बुलाकर फर्म का खाता खुलवाते थे और उन्हें ठगों के साथ साझा करते थे। वहीं अमन दुबे फर्म के लिए जगह और जरूरी कागजात तैयार करवाता था। शुभम पाल, राकेश पाल और रौनक पाल विदेश में बैठे ठगों के साथ टेलीग्राम के जरिए संपर्क में थे और अपने फोन में थर्ड पार्टी ऐप रखते थे, जिससे उनके फोन का एक्सेस ठगों के पास चला जाता था। ओटीपी प्राप्त करने के लिए वे सिम कार्ड्स को फोन में डालकर रखते थे और बाद में उन्हें निकाल देते थे।
कैसे हुई ठगी की वारदात
सेक्टर-85 फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक फोन कॉल आया, जिसमें व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर कहा कि उनके नाम से बेंगलुरु में एक बैंक खाता है, जिसका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे अपराधों में हुआ है। ठगों ने उन्हें गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर आरबीआई, आयकर विभाग और सर्वोच्च न्यायालय की मोहर लगे फर्जी दस्तावेज भेजे।
ठगों के निर्देशानुसार, जांच और सत्यापन के लिए राशि को निर्धारित खातों में जमा कराने को कहा गया। झांसे में आकर पीड़ित व्यक्ति ने 1 करोड़ 24 लाख 45 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने पैसे वापस लेने के लिए संपर्क किया तो सभी मोबाइल नंबर बंद मिले। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई।