फरीदाबाद में डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू का खतरनाक प्रकोप, स्वास्थ्य विभाग ने तेज की जांच

फरीदाबाद में बदलते मौसम और बारिश के बाद डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक डेंगू के 13, मलेरिया के तीन और स्वाइन फ्लू के 18 मामले सामने आए हैं। एक साथ कई बीमारियों के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच तेज कर दी है।
मच्छरों की रोकथाम के लिए टीमें तैनात
करीब 40 टीमें अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर मच्छरों के लार्वा की जांच और सैंपलिंग कर रही हैं। टीमों की ओर से घरों और आसपास के इलाकों में पानी जमा होने वाले स्थानों की भी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, खाली बर्तनों और अन्य जगहों पर जमा पानी की जांच कर रही हैं। इन जगहों पर पानी जमा रहने से डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों का लार्वा पनप सकता है। लोगों को भी अपने घरों और आसपास सफाई रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
नोटिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की टीमों को जांच के दौरान जहां भी मच्छरों का लार्वा मिल रहा है, वहां लोगों को पानी जमा न होने देने की हिदायत दी जा रही है। जरूरत पडऩे पर नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि मच्छरों की रोकथाम के लिए लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है। फरीदाबाद स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 1,660 लोगों को नोटिस जारी किए हैं सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने कहा कि विभाग इस पर तेजी से काम कर रहा है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव
डेंगू और मलेरिया के साथ स्वाइन फ्लू के 18 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी को लेकर भी निगरानी कर रहा है। स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी गई है। सिविल सर्जन ने लोगों से अपील की है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरों से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और रात में मच्छरदानी या अन्य सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।