फरीदाबाद: दिल्ली-आगरा नहर के किनारे सुरक्षा का अभाव, हादसे को दावत दे रहा प्रशासन

फरीदाबाद में दिल्ली-आगरा नहर के किनारे सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि नहर के किनारे सुरक्षा जाल और बैरिकेडिंग न होने की वजह से यह पूरा इलाका अब एक 'डेंजर जोन' बन गया है। पैदल चलने वालों और वाहन चालकों के लिए यहां जोखिम बढ़ गया है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नहर के किनारों पर न तो कोई सुरक्षा घेरा है और न ही चेतावनी देने वाले साइन बोर्ड लगाए गए हैं। इस लापरवाही की वजह से राहगीरों के नहर में गिरने या वाहनों के अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार होने का खतरा लगातार बना रहता है। हालांकि यह नहर जल परिवहन का एक महत्वपूर्ण जरिया है, लेकिन बुनियादी सुरक्षा ढांचे की कमी ने इसे खतरनाक बना दिया है।
प्रशासन की अनदेखी और बढ़ते खतरे
क्षेत्र के निवासियों का आरोप है कि यह समस्या काफी पुरानी है और समय-समय पर यहां दुर्घटनाओं की खबरें आती रही हैं। बार-बार सरकार और संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द नहर के किनारे मजबूत फेंसिंग और बैरिकेड्स लगाए ताकि भविष्य में होने वाली किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
नगरपालिका और संबंधित विभागों की जवाबदेही पर अब सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बुनियादी सुरक्षा उपायों के बिना इस व्यस्त जलमार्ग का खुला रहना आम जनता की जान जोखिम में डालने जैसा है।