जॉब का झांसा देकर 18 लाख की ठगी, फरीदाबाद पुलिस ने पंजाब से दो आरोपितों को दबोचा

फरीदाबाद के बल्लभगढ़ इलाके में पार्ट टाइम जॉब का लालच देकर लाखों की ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों जालसाज टेलीग्राम के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते थे और प्रीपेड टास्क पूरा करने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेते थे।
पुलिस के मुताबिक, बल्लभगढ़ के रहने वाले एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जनवरी में उसे टेलीग्राम पर एक अनजान आईडी से पार्ट टाइम जॉब का ऑफर मिला। जालसाजों ने उसे एक ग्रुप में जोड़ा और छोटे-छोटे टास्क दिए। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए आरोपितों ने उसे कुछ रकम वापस भी की, लेकिन धीरे-धीरे खेल बदल गया। रिवॉर्ड बंडल और वॉलेट बैलेंस ठीक करने जैसे बहाने बनाकर उससे लगातार पैसे जमा करवाए गए। जब पीड़ित से रकम निकालने के नाम पर बार-बार नए शुल्क मांगे जाने लगे, तब उसे समझ आया कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका है।
विश्वास जीतकर लगाया 17.99 लाख का चूना
इस पूरी साजिश के तहत आरोपितों ने पीड़ित से कुल 17 लाख 99 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए। हालांकि, विश्वास बनाए रखने के लिए उन्होंने शुरू में 52 हजार 298 रुपये प्रॉफिट के तौर पर वापस किए थे। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी सबूतों के आधार पर पंजाब के फाजिल्का जिले के गांव धारंगवाला तक अपनी पहुंच बनाई।
पुलिस ने वहां छापेमारी कर ओमप्रकाश उर्फ मुरली और जगमीत सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। ओमप्रकाश ने जगमीत सिंह के बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगाने के लिए किया था और उसे आगे जयपुर में उपलब्ध कराया था। जांच में पता चला कि जगमीत के खाते में ठगी की रकम में से 2 लाख रुपये आए थे। शनिवार को दोनों आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।