शराब के नशे में मकान मालिक ने दी बिल्डिंग गिरने की झूठी सूचना, दक्षिणी दिल्ली में मचा हड़कंप

दक्षिण दिल्ली के मैदानगढ़ी इलाके में एक इमारत के गिरने की झूठी सूचना मिलने पर आपातकालीन सेवाएं तुरंत हरकत में आ गईं। यह कॉल दोपहर करीब 3:00 बजे नरेंद्र नाम के एक बुजुर्ग निवासी ने की थी, जिसने दावा किया था कि उसकी इमारत गिर रही है। इस सूचना के बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, कैट्स एम्बुलेंस, एनडीआरएफ और एमसीडी की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया।
मौके पर पहुंचने पर आपातकालीन सेवा कर्मियों को संरचनात्मक विफलता, जानमाल के नुकसान या संपत्ति के नुकसान का कोई सबूत नहीं मिला। जांच में पता चला कि कॉल करते समय नरेंद्र शराब के नशे में था और इसके बाद वह अपने घर के अंदर जाने को तैयार नहीं था। इस घटना के कारण काफी चिंता पैदा हुई और महत्वपूर्ण आपातकालीन संसाधनों का दुरुपयोग हुआ。
भारतीय कानून के तहत, भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 (पूर्व में भारतीय दंड संहिता की धारा 182) के अनुसार, झूठी आपातकालीन कॉल करना एक दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वालों को छह महीने तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं, क्योंकि ऐसे झूठे कॉल से सार्वजनिक संसाधनों की बर्बादी होती है और वास्तविक आपात स्थितियों में देरी का खतरा रहता है।