दिल्ली के रोहिणी में फर्जी CBI अधिकारी बनकर कारोबारी के घर पर छापा मारने की कोशिश, FIR दर्ज

दिल्ली पुलिस ने रोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में फर्नीचर कारोबारी प्रीतम अग्रवाल के घर पर हुई फर्जी छापेमारी की कोशिश के मामले में FIR दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। 11 अगस्त की रात को आठ से दस लोग—जिनमें दो महिलाएं और छह पुरुष शामिल थे—CBI अधिकारी बनकर कारोबारी के घर पहुंचे थे। इन संदिग्धों ने CBI के प्रतीक चिन्ह वाले कपड़े पहने थे, फर्जी आईडी कार्ड रखे थे और WhatsApp पर एक जाली नोटिस दिखाया था जिस पर कथित तौर पर CBI डायरेक्टर का नाम और हस्ताक्षर थे (Source: PTI)।
छापेमारी की कोशिश को कारोबारी की पत्नी ने किया नाकाम
कारोबारी की पत्नी ने इस छापेमारी की कोशिश को नाकाम कर दिया, जिन्होंने समूह को अंदर आने से मना कर दिया और आधिकारिक अनुमति दिखाने की मांग की। जब उन फर्जी लोगों ने लगभग डेढ़ घंटे तक घर के अंदर घुसने की कोशिश की, तो पड़ोसी भी मौके पर जमा हो गए और उन्होंने भी सर्च वारंट दिखाने की जिद की। वह समूह आखिरकार यह कहकर चला गया कि उनका वारंट उनकी गाड़ी में है, लेकिन वे कभी वापस नहीं लौटे (Source: ANI)।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज की कर रही है जांच
अधिकारी संदिग्धों की पहचान करने के लिए आसपास के इलाके के CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं। हालांकि यह घटना फिल्म 'स्पेशल 26' की कहानी से मिलती-जुलती है, लेकिन जांचकर्ता डकैती की कोशिश या किसी पूर्व बिजनेस पार्टनर से जुड़े विवाद सहित कई अन्य कारणों की भी जांच कर रहे हैं। पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान में कुछ विसंगतियां भी नोट की हैं और सबूत के तौर पर डिलीट किए गए WhatsApp नोटिस के स्क्रीनशॉट की जांच कर रही है। 20 अगस्त 2026 तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।