गुरुग्राम में नकली ब्लड प्रेशर दवा का खेल, उत्तराखंड की फैक्ट्री से जुड़ा निकला कनेक्शन
गुरुग्राम में नकली Telma-AM दवा बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, उत्तराखंड की फैक्ट्री से जुड़ा निकला कनेक्शन।

गुरुग्राम में नकली ब्लड प्रेशर दवाओं के एक बड़े और शातिर अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इस पूरे खेल की शुरुआत तब हुई जब दवा निर्माता कंपनी Glenmark ने अधिकारियों को सतर्क किया कि बाजार में उनकी दवा 'Telma-AM' के नकली वर्जन बिक रहे हैं। जांच में यह बात सामने आई कि यह कोई छोटा-मोटा फर्जीवाड़ा नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क था जिसकी जड़ें उत्तराखंड की एक फैक्ट्री तक फैली हुई थीं।
मामले की गहराई में जाने पर हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को सेक्टर 52 स्थित SDL फार्मेसी और DS फार्मेसी से सुराग मिले। जब अधिकारियों ने कागजों की पड़ताल की, तो पता चला कि ये दवाएं उद्योग विहार फेज VI स्थित लकी फार्मा लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के जरिए सप्लाई की जा रही थीं। जांचकर्ताओं का दावा है कि लकी फार्मा द्वारा दिखाए गए खरीद बिल फर्जी थे, जो आगे चलकर दिल्ली के ओखला स्थित श्री बालाजी फार्मापोरियम और बिहार की कुछ कंपनियों (पेंजीया एंटरप्राइजेज और जेट प्राइवेट लिमिटेड) तक पहुंचे।
उत्तराखंड की फैक्ट्री में चल रहा था नकली दवाओं का कारोबार
तफ्तीश की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस और ड्रग विभाग की टीम आखिरकार उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर पहुंची। यहां 'औशी इम्यूनोसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड' नाम की एक फैक्ट्री चल रही थी। छापेमारी के दौरान वहां से रोटरी टैबलेट प्रेस और एल्यु-एल्यु ब्लिस्टर पैकेजिंग मशीन जैसी भारी मशीनें बरामद हुईं। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि वहां पैकेजिंग फॉयल के अवशेष मिले, जो हूबहू Telma-AM के स्ट्रिप्स से मेल खाते थे।
इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 28 सितंबर 2026 को सेक्टर 40 थाने में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया। फैक्ट्री के 49 वर्षीय डायरेक्टर मनीष सिंह को गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उन्हें अदालत से नियमित जमानत मिल गई। जिला औषधि नियंत्रक अमनदीप चौहान ने पुष्टि की कि इस पूरे खेल में इस्तेमाल किए गए खरीद दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे।
पुलिस ने इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसा है। मनीष सिंह के अलावा सुव्रत द्विवेदी, जुबैर, विपिन कुमार और प्रदीप कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है, जो इन नकली दवाओं की खरीद और एक राज्य से दूसरे राज्य तक इनकी सप्लाई करने के काम में शामिल थे।