50 लाख की लूट: दिल्ली पुलिस के पूर्व अधिकारी ने रची साजिश, MCOCA के तहत गिरफ्तारी

राजधानी दिल्ली में कैश कूरियर से लाखों रुपये लूटने के एक सनसनीखेज मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस पूरी साजिश के पीछे दिल्ली पुलिस का ही एक पूर्व अधिकारी समय (Samay) मास्टरमाइंड निकला। पुलिस जांच में सामने आया है कि समय ने अपने जेल संपर्कों का इस्तेमाल कर इस बड़ी लूट को अंजाम दिया। इस मामले में अब महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) जैसी सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
यह पूरा मामला 31 मार्च का है, जब दो कैश कूरियर एजेंटों से 50.37 लाख रुपये लूट लिए गए थे। पुलिस के मुताबिक, पूर्व अधिकारी समय की मुलाकात करीब दो साल पहले कोर्ट में निखिल नाम के एक व्यक्ति से हुई थी। निखिल गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, जिसका फायदा उठाकर समय ने उसे अपने साथ मिला लिया और इस लूट की पूरी प्लानिंग तैयार की। अब तक इस मामले में करीब 30 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है।
संगठित गिरोह का जाल और कोर्ट की कार्रवाई
इस मामले में जांच का दायरा तब और बढ़ गया जब 5 अक्टूबर को फरमान और साहिल नाम के दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल MCOCA जज सुरभि शर्मा वत्स के सामने पेश किया गया। सुनवाई के दौरान एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नीरज मधुप ने दलील दी कि आरोपियों की भूमिका और संगठित आपराधिक सिंडिकेट के साथ उनके संबंधों को गहराई से समझने के लिए उनकी कस्टडी जरूरी है। कोर्ट ने आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस गिरोह ने लूट के पैसों को कहां छिपाया और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल समीर सिंह और सात अन्य लोगों की गिरफ्तारी के बाद यह केस काफी बड़ा हो गया है। जांच टीम का मुख्य फोकस अब उस पूरे संगठित क्राइम नेटवर्क को ध्वस्त करना है जिसने इस लूट की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।