मैरिज सर्टिफिकेट फ्रॉड: दिल्ली में इंजीनियर से 17 लाख की ठगी, ब्लैकमेलिंग का खेल
दिल्ली में एक इंजीनियर को फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट के जरिए 17 लाख रुपये ठगे गए। जानें कैसे हुआ यह पूरा खेल।

राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में इन दिनों मैट्रिमोनियल फ्रॉड यानी शादी के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ताजा मामला एक इंजीनियर के साथ सामने आया है, जिसे शातिर जालसाजों ने अपने बिछाए जाल में फंसाकर करीब 17 लाख रुपये ठग लिए। यह पूरी साजिश एक फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट के इर्द-गिर्द बुनी गई थी, जिसके जरिए पहले पैसे लिए गए और फिर प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी देकर और रकम वसूली गई।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित इंजीनियर की मुलाकात आरोपी से दिल्ली में हुई थी। भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने एक फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट पेश किया। इसके बाद खेल शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का। आरोपी ने इंजीनियर को धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए, तो वह उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएगा। इसी डर का फायदा उठाकर ठग ने कुल 17 लाख रुपये ऐंठ लिए। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।
NCR में बढ़ रहे हैं शादी के नाम पर फर्जीवाड़े के मामले
यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि एनसीआर और आसपास के राज्यों में इस तरह के पैटर्न बार-बार देखे जा रहे हैं। हाल ही में अक्टूबर 2026 में दिल्ली पुलिस ने विक्रांत तोमर नाम के एक 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया था, जिसने बिजनेसमैन बनकर महिला पुलिस कांस्टेबलों से करीब 24 लाख रुपये ठगे थे। वहीं, नवंबर 2026 में उत्तराखंड में भी एक ऐसा मामला आया था जहां UCC पोर्टल का गलत इस्तेमाल कर फर्जी मैरिज डॉक्यूमेंट बनाए गए और लोगों को ब्लैकमेल किया गया।
पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने चेतावनी जारी की है कि जालसाज अक्सर सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए लोगों का भरोसा जीतते हैं। इसके बाद वे अचानक कोई इमरजेंसी बताते हैं या फर्जी कानूनी दस्तावेज दिखाकर पैसे मांगते हैं। अधिकारियों ने आम जनता को सलाह दी है कि:
- ऑनलाइन मिले व्यक्तियों की बैकग्राउंड जांच जरूर करें।
- अपने निजी पहचान पत्रों और दस्तावेजों को सुरक्षित रखें।
- शादी या किसी भी रीति-रिवाज के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें।