गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर के बिजली वितरण लाइसेंस पर लगी रोक

हरियाणा सरकार के निर्देश के बाद HERC ने गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर के बिजली वितरण लाइसेंस के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है।

Kittu Kumari28 October 20262 min read0 viewsNCR
गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर के बिजली वितरण लाइसेंस पर लगी रोक

हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को मिली मंजूरी पर अब ब्रेक लग गया है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने राज्य सरकार के निर्देशों के बाद इस कंपनी के लाइसेंस के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। दिलचस्प बात यह है कि यह रोक लाइसेंस मिलने के महज नौ दिन बाद ही लगा दी गई है।

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 19 अक्टूबर को आयोग ने कंपनी को समानांतर बिजली वितरण की मंजूरी दी थी। इस फैसले के बाद बिजली कर्मचारी विरोध में उतर आए और हड़ताल कर दी। करीब 45 घंटे चली इस हड़ताल के बाद जब सरकार ने हस्तक्षेप किया, तो कर्मचारियों ने काम पर लौटने का फैसला किया। बिजली मंत्री अनिल विज इस व्यवस्था के शुरू से ही खिलाफ थे। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं के हितों, सरकारी बिजली निगमों के राजस्व और क्रॉस-सब्सिडी पर पड़ने वाले असर को देखते हुए इस पूरी प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी हस्तक्षेप और आयोग का फैसला

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ऊर्जा विभाग ने 26 अक्टूबर को मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 108(1) के तहत आयोग को लिखित निर्देश भेजे। इसमें स्पष्ट कहा गया कि हरियाणा में किसी भी समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस को नया स्वरूप देने या प्रभावी करने से रोका जाए। इसी के आधार पर बुधवार को आयोग ने आदेश जारी कर दिया कि जब तक सरकार के निर्देश प्रभावी हैं, वह इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं करेगा।

गौरतलब है कि दक्षिण और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगमों ने इलेवन पावर की वित्तीय क्षमता, तकनीकी काबिलियत और सेवा देने की तैयारी पर गंभीर सवाल उठाए थे। हालांकि, कंपनी ने 21 अक्टूबर को लाइसेंस की शर्तें स्वीकार कर ली थीं और 23 अक्टूबर को आयोग को सूचित किया था कि वह कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर रही है। कंपनी ने यह मांग भी की थी कि किसी भी आपत्ति पर विचार करने से पहले उसे सुनवाई का मौका दिया जाए, लेकिन आयोग ने इसे खारिज कर दिया।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि जनहित और नीतिगत मामलों में राज्य सरकार का निर्णय अंतिम होता है। हालांकि, आयोग ने अपने पुराने आदेश को औपचारिक रूप से रद्द नहीं किया है, लेकिन सरकार की रोक के कारण कंपनी फिलहाल गुरुग्राम और नूंह में अपनी वितरण व्यवस्था शुरू नहीं कर पाएगी।

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