चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू का वोटर स्टेटस वेरीफाई, दिल्ली एसआईआर नोटिस पर चुनाव आयोग का बड़ा बयान

दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू को भी नोटिस जारी किया गया था। 31.63 लाख मतदाताओं में शामिल संधू को यह नोटिस फॉर्म में नाम 'डॉ. एस.एस. संधू' और चुनावी सूची में 'सुखबीर सिंह संधू' दर्ज होने की तकनीकी गड़बड़ी के कारण मिला था। 20 सितंबर 2026 को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने स्पष्ट किया कि आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद संधू का नाम वैलिडेट कर लिया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, ये एसआईआर नोटिस ECINET सिस्टम में डेटा की गलतियों को सुधारने के लिए ऑटोमैटिक रूप से जनरेट होते हैं और इनका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मतदाता सूची से नाम हटाया जा रहा है। आयोग ने साफ किया कि सुनवाई का मौका दिए बिना और आदेश पारित किए बिना किसी का नाम नहीं काटा जाता है। प्रभावित लोगों को अपने संबंधित मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ERO) के पास जवाब या दस्तावेज जमा करने होते हैं। इस एसआईआर प्रक्रिया से दिल्ली छावनी विधानसभा क्षेत्र और अन्य इलाकों की कई जानी-मानी हस्तियां प्रभावित हुई हैं। इनमें सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, सेबी चेयरपर्सन तुहिन कांता पांडे, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद, स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, पूर्व उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह, उनकी पत्नी नीना सिंह, पूर्व रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने, पूर्व पर्यावरण सचिव लीना नंदन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल व अभिषेक मनु सिंघवी शामिल हैं। चुनाव आयोग ने पुष्टि की है कि नोटिस के निपटारे की यह प्रक्रिया 29 अक्टूबर 2026 तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद 4 नवंबर 2026 को दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। आयोग ने उन भ्रामक रिपोर्टों का पूरी तरह से खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि इन नोटिसों का मतलब मतदाताओं के नाम सूची से हटाना है।