दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन अभियान के तहत चुनाव आयोग ने 33 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए हैं। यह अभियान 30 जून से 17 अगस्त 2026 तक चलाया गया था। इसका उद्देश्य मतदाता सूचियों में सटीकता और पारदर्शिता लाना है, ताकि दो बार नाम होने, मृत या दूसरे स्थान पर जाने वाले मतदाताओं की पहचान की जा सके। चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया के बारे में मुख्य बातें इस प्रकार हैं। दिल्ली के 33 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं। यह अभियान 30 जून से 17 अगस्त 2026 के बीच चलाया गया था। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
2002 के पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा डेटा में अंतर के कारण कई बड़े लोगों को भी नोटिस मिले हैं।
इनमें पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शामिल हैं। इसके अलावा मनीष सिसोदिया, विक्रम मिस्री, प्रवीण सूड, कपिल सिब्बल और डी.वाई. चंद्रचूड़ को भी नोटिस मिले हैं। चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को भी नोटिस मिला था, जिनका विवरण अंतिम मतदाता सूची के लिए सत्यापित हो चुका है।दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने साफ किया है कि ये सिस्टम से बनने वाले नोटिस डेटा सुधार के लिए हैं।
किसी भी व्यक्ति का नाम बिना औपचारिक सुनवाई के नहीं हटाया जाएगा। ड्राफ्ट सूची से 47 लाख से अधिक नाम हटने की खबरों के बाद सुप्रीम कोर्ट 21 सितंबर 2026 को इस पर सुनवाई करेगा। नोटिस का समाधान 29 अक्टूबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। पात्र नागरिक 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 भरकर दे सकते हैं। दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर 20 और 27 सितंबर 2026 को विशेष सत्यापन शिविर लगाए जाएंगे।