चुनाव आयोग ने दिल्ली में मतदाता सूची संशोधन की अंतिम तिथि एक महीने बढ़ाई

दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि को चुनाव आयोग ने एक महीने बढ़ा दिया है। अब यह समय सीमा 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। यह निर्णय शनिवार, 26 सितंबर 2026 को घोषित किया गया, जो दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के औपचारिक अनुरोध पर लिया गया है। इस बारे में अधिक जानकारी ANI की रिपोर्ट में दी गई है। यह 14 मई 2026 को शुरू हुए SIR कार्यक्रम में चौथी बार बदलाव किया गया है।
नई तिथियां और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन
इस विस्तार के परिणाम स्वरूप, नोटिस, दावों और आपत्तियों के निपटान की अंतिम तिथि अब 30 नवंबर 2026 कर दी गई है। इसके साथ ही दिल्ली के लिए अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अब 4 नवंबर 2026 के बजाय 4 दिसंबर 2026 को किया जाएगा। इस संशोधन चक्र के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 ही रहेगी। इसी तरह के विस्तार महाराष्ट्र के लिए भी दिए गए हैं, जहां दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि अब 12 अक्टूबर 2026 है और निपटान की अंतिम तिथि 10 नवंबर 2026 है।
मतदाता कम भागीदारी और प्रक्रिया में बदलाव
अधिकारियों ने इस बदलाव के पीछे कम मतदाता भागीदारी को मुख्य कारण बताया है। 31 अगस्त 2026 को प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद से नए मतदाताओं के लिए केवल 1.27 लाख फॉर्म-6 आवेदन ही दाखिल किए गए थे। यह संख्या प्रारूप सूची से छूटे 47.56 लाख मतदाताओं के मुकाबले बहुत कम है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद चुनाव आयोग ने यह निर्णय लिया।
बीएलओ घर-घर जाकर एकत्र करेंगे दस्तावेज
प्रक्रिया को सरल बनाने और प्रशासनिक बोझ को कम करने के लिए, चुनाव आयोग ने रिकॉर्ड विसंगतियों के नोटिस के लिए प्रक्रिया में बदलाव अनिवार्य किया है। मतदाताओं को भौतिक सुनवाई में आने के लिए कहने के बजाय, बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) आवश्यक दस्तावेज एकत्र करने के लिए घर-घर जाएंगे। इसके बाद इन्हें ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा। भौतिक सुनवाई केवल असाधारण मामलों के लिए आरक्षित होगी।