चुनाव आयोग ने बढ़ाई दिल्ली मतदाता सूची संशोधन की अंतिम तिथि, अब 30 अक्टूबर तक करें आवेदन

भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली की मतदाता सूची के संबंध में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दिया है। यह निर्णय मतदाता डेटाबेस में सटीकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 26 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में निर्वाचन सदन में हुई बैठक के दौरान औपचारिक रूप से लिया गया (ANI News)। संशोधित कार्यक्रम के तहत सभी लंबित नोटिसों और दावों का निपटान 30 नवंबर तक जारी रहेगा, जबकि राष्ट्रीय राजधानी के लिए अंतिम मतदाता सूची अब 4 दिसंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
डोरस्टेप सत्यापन की सुविधा
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के 23 सितंबर 2026 के अनुरोध के बाद, आयोग ने एक अधिक सुविधाजनक सत्यापन प्रक्रिया लागू की है। तार्किक विसंगतियों या अनमैप्ड स्थिति वाले मतदाताओं को अब व्यक्तिगत रूप से पंजीकरण कार्यालयों का दौरा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय, बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) ईसीआईनेट पोर्टल पर अपलोड करने के लिए आवश्यक दस्तावेज एकत्र करने हेतु डोरस्टेप सत्यापन करेंगे (ANI News)। यदि किसी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी द्वारा आवश्यक समझा जाता है, तो सुनवाई ऑनलाइन आयोजित की जाएगी, जिससे अधिकृत परिवार के सदस्यों को मतदाता का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति मिलेगी।
प्रमुख हस्तियों को जारी किए गए नोटिस
यह संशोधन 31 अगस्त 2026 को मतदाता सूची के मसौदे के प्रकाशन के बाद हुआ है, जिसके कारण विभिन्न नागरिकों को स्वचालित नोटिस भेजे गए थे। विसंगतियों के कारण नोटिस जारी किए जाने वालों में पूर्व उप प्रधान मंत्री एल के आडवाणी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, चुनाव आयुक्त एस एस संधू, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल थीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन नोटिसों को जारी करने का मतलब सूची से किसी भी व्यक्ति को हटाना नहीं है, और यह भी उल्लेख किया गया कि इन आंकड़ों के लिए अधिकांश विसंगतियों को फील्ड सत्यापन के माध्यम से हल कर लिया गया है। आगे के नामांकन को सुविधाजनक बनाने के लिए, ईसीआई ने 27 सितंबर 2026 को विशेष शिविर आयोजित किए हैं, जिसमें 29 और 30 सितंबर 2026 को विशेष युवा मतदाता आउटरीच कार्यक्रम निर्धारित हैं। इसके अलावा, आयोग ने चुनाव कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अपने मतदाता-सूची सॉफ्टवेयर के तकनीकी ऑडिट का आदेश दिया है।