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NEET पेपर लीक विवाद: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दिल्ली में छात्रों का जश्न

Kittu Kumari25 July 20262 min read13 views
NEET पेपर लीक विवाद: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दिल्ली में छात्रों का जश्न

NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक विवाद के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई, 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस खबर के बाद देश भर में, विशेषकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए और जमकर जश्न मनाया।

- धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी इस्तीफे की जानकारी।

- जंतर-मंतर (दिल्ली) और चंडीगढ़ में छात्रों ने किया प्रदर्शन और मनाया जश्न।

- सरकार ने छात्रों की सभी प्रमुख मांगें मानीं, जिसमें मुआवजा और केस वापसी शामिल है।

- विपक्ष और शिक्षा सुधारकों ने इसे छात्रों की बड़ी जीत बताया है।

इस्तीफे के बाद दिल्ली में जश्न का माहौल

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे का कारण बताते हुए कहा कि यह व्यक्तिगत सम्मान का नहीं, बल्कि युवाओं को भ्रम से बचाने और 'राष्ट्र विरोधी ताकतों' को रोकने का कदम है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र नाचते-गाते और 'छात्र एकता जिंदाबाद' के नारे लगाते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक के तनाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा। चंडीगढ़ के सेक्टर 17 प्लाजा में भी युवाओं ने देशभक्ति के गीत गाकर अपनी खुशी जाहिर की।

नेताओं और शिक्षाविदों की प्रतिक्रिया

इस इस्तीफे पर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सोनम वांगचुक ने इसे 'लोकतंत्र की जीत' बताते हुए छात्रों को बधाई दी है। समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने इसे नई पीढ़ी की बड़ी जीत करार दिया, वहीं आप नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह युवा शक्ति और लोकतंत्र की ताकत का परिणाम है। दूसरी ओर, बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि पीएम मोदी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए छात्रों के हित को प्राथमिकता दी है और अब प्रदर्शन समाप्त कर देना चाहिए।

छात्रों की सभी मांगें स्वीकार

इस्तीफे की घोषणा के बाद CJP ने तुरंत अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। सरकार ने छात्रों की सभी मांगें मान ली हैं, जिसमें पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देना और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी पुलिस केस वापस लेना शामिल है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बताया है और सरकार से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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