ईडी की पंजाब और दिल्ली में बड़ी कार्रवाई, जीमाडा भ्रष्टाचार मामले में कई ठिकानों पर छापे

प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने मंगलवार 22 सितंबर 2026 को मोहाली, जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली में कई जगहों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी जीमाडा में हुए बड़े भ्रष्टाचार घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई है। इस जांच का मुख्य केंद्र 150 करोड़ रुपये का भूमि उपयोग परिवर्तन यानी सीएलयू घोटाला, फीस डिफाल्ट के मामले और निजी बिल्डरों को दिए गए अनुचित लाभ हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी एएनआई की रिपोर्ट में दी गई है।
जीमाडा दफ्तर सील और अधिकारियों से पूछताछ
छापेमारी के दौरान ईडी की टीमें तीन गाड़ियों में सवार होकर मोहाली स्थित जीमाडा दफ्तर पहुंचीं और इमारत की कम से कम तीन मंजिलों को सील कर दिया। अधिकारियों ने रेमीगेट मामले से जुड़े दस्तावेजों सहित कई रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें मोहाली के सेक्टर 62 में फूड-कोर्ट साइट का आवंटन और एक निजी बिल्डर को दिए गए गैर-निर्माण शुल्क और जुर्माने के ब्याज की 40 करोड़ रुपये की कथित अनधिकृत छूट शामिल है। आवास सचिव के कमरे के अंदर जीमाडा के मुख्य अभियंता, संपदा अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान कई वरिष्ठ कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी सबूत के तौर पर जब्त कर लिए गए हैं।
चार महीने से चल रही है जांच
यह कार्रवाई पिछले चार महीने से चल रही जांच में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे पहले 27 अगस्त 2026 को ईडी ने इसी फूड-कोर्ट साइट के आवंटन के सिलसिले में जीमाडा के मुख्य अभियंता अजय गर्ग और पूर्व मुख्य अभियंता सुनील कंसल को समन भेजा था। एजेंसी की इस जांच में इससे पहले मई 2026 में रोयल एस्टेट ग्रुप और चंडीगढ़ रोयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटरों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इसके अलावा मई 2026 में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े खरार के एक अपार्टमेंट में तलाशी के दौरान लगभग 21 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे, जिन्हें कथित तौर पर छापे के दौरान नौवीं मंजिल से नीचे फेंक दिया गया था। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया सहित कई राजनीतिक हस्तियों ने मौजूदा राज्य सरकार के तहत कथित संस्थागत भ्रष्टाचार पर चिंता जताई है।