बिहार के मुंगेर में 11.67 करोड़ रुपये के डिजिटल जॉब फर्जीवाड़े पर ED की बड़ी कार्रवाई, पांच ठिकानों पर छापेमारी

ED (Directorate of Enforcement), पटना जोनल ऑफिस ने 6 अगस्त 2026 को बिहार के मुंगेर जिले में पांच ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। यह छापेमारी M/s Jollywood Music Industries Pvt. Ltd. और M/s DLMS Jollywood Music Pvt. Ltd. द्वारा किए गए इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से जुड़ी है, जिसमें लोगों को "डिजिटल जॉब" का झांसा दिया गया था।
डिजिटल जॉब के नाम पर ठगी का तरीका
पीडि़तों को कंपनी की वेबसाइट पर ऑडियो/वीडियो कंटेंट देखकर हर महीने 15,000 रुपये कमाने के लिए 2,56,500 रुपये इन्वेस्ट करने को कहा गया था, और नए लोगों को जोडऩे पर अतिरिक्त बोनस का वादा किया गया था। इस घोटाले में कुल इन्वेस्टमेंट लगभग 11.67 करोड़ रुपये था। कंपनियों के सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर आरोप है कि उसने यूजर्स को टास्क पूरा करने और पेमेंट मिलने से रोकने के लिए जानबूझकर वेबसाइट को धीमा कर दिया था। ED ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत जांच शुरू की है, जो Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023 के तहत जितेंद्र कुमार राजीव, धीरज कुमार और अन्य के खिलाफ दर्ज FIR पर आधारित है। छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और बैंक डिटेल्स जब्त किए गए हैं।
देशभर में चल रहा है जॉब और फाइनेंशियल फ्रॉड के खिलाफ एक्शन
यह ऑपरेशन जॉब और फाइनेंशियल फ्रॉड के खिलाफ राष्ट्रव्यापी कार्रवाई को दर्शाता है। साल 2026 की शुरुआत में Cyberabad Police ने मल्टीनेशनल कंपनियों में प्लेसमेंट दिलाने का वादा करने वाले जॉब फ्रॉड रैकेट के पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। जुलाई 2026 में Delhi Police ने Income Tax Department में फर्जी सरकारी नौकरी के ऑफर से जुड़े रिक्रूटमेंट स्कैम का खुलासा किया, जिसमें चार गिरफ्तारियां हुईं। इसी तरह, Uttar Pradesh Police ने वाराणसी से चल रहे फर्जी जॉब रैकेट में लगभग 300 युवाओं को बचाया और 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसने पीडि़तों से 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की थी।
अधिकारियों की लोगों से सतर्क रहने की अपील
इस तरह के जटिल घोटालों में अक्सर विस्तृत धोखाधड़ी वाला बुनियादी ढांचा तैयार किया जाता है, जिसमें दिल्ली पुलिस की पिछली जांच में सामने आए "बैंक अकाउंट किट फैक्ट्री" कॉन्सेप्ट जैसी तरीके शामिल हैं, जहां साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग को बढ़ावा देने के लिए प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था। अधिकारी लगातार जनता से सतर्क रहने की अपील करते हैं, नौकरी के प्रस्तावों के लिए पैसे देने के खिलाफ चेतावनी देते हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना Cyber Crime Police या आधिकारिक नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग चैनलों के माध्यम से देने की सलाह देते हैं।