शराब सिंडिकेट पर ED का बड़ा एक्शन, दिल्ली-NCR और पंजाब की 10 जगहों पर छापेमारी
ईडी ने 'द ठेका' सिंडिकेट के खिलाफ दिल्ली-NCR और पंजाब में 10 जगहों पर छापेमारी की है। टैक्स चोरी और फर्जीवाड़े का है मामला।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब के एक बड़े सिंडिकेट के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने 3 और 4 नवंबर, 2026 को दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई गुरुग्राम स्थित मशहूर वेंडर चेन 'द ठेका' (The Theka) और उसके मालिकों अंकुश गोयल व उनके बिजनेस पार्टनर्स से जुड़ी है।
जांच एजेंसी यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत कर रही है। इस मामले की जड़ हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और चार्जशीट में है। अधिकारियों का आरोप है कि इस सिंडिकेट ने बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की है। आरोप है कि विदेशी शराब की खरीद में जरूरी होलोग्राम और 'ट्रैक एंड ट्रेस' स्ट्रिप्स का इस्तेमाल नहीं किया गया, ताकि सरकारी टैक्स से बचा जा सके।
बोंड-टू-बोंड ट्रांसफर के जरिए खेल
जांच में यह बात सामने आई है कि सिंडिकेट 'बोंड-टू-बोंड' ट्रांसफर सिस्टम का गलत फायदा उठा रहा था। यह सिस्टम राज्यों के बीच आयातित शराब की आवाजाही के लिए होता है। ईडी का मानना है कि गोवा और महाराष्ट्र के बोंडेड वेयरहाउस के लिए भेजी गई शराब की खेप को चुपके से गुरुग्राम के रिटेल आउटलेट्स पर भेज दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि कस्टम ड्यूटी, वैट (VAT) और अन्य जरूरी टैक्स न चुकाने पड़ें।
इस पूरे मामले की शुरुआत 9 दिसंबर, 2025 को हुई थी, जब आबकारी विभाग के अधिकारियों ने 'द ठेका' के आउटलेट्स पर छापेमारी की थी। उस वक्त बिना जरूरी दस्तावेजों के विदेशी शराब के 3,921 केस और 176 लूज बोतलें बरामद की गई थीं।
वहीं, इसी दौरान 4 नवंबर को ईडी ने पंजाब के मोगा जिले में भी सात ठिकानों पर छापे मारे। हालांकि, यह कार्रवाई शराब सिंडिकेट से अलग है और सरकारी जमीन के फर्जी अधिग्रहण व सार्वजनिक धन के गबन से जुड़े एक अलग मामले की जांच का हिस्सा है।