गुरुग्राम: विदेशी शराब सिंडिकेट पर ईडी का बड़ा एक्शन, 10 ठिकानों पर छापेमारी में करोड़ों का खेल उजागर
ईडी ने गुरुग्राम के 'द ठेका' से जुड़े विदेशी शराब सिंडिकेट के 10 ठिकानों पर छापा मारा, 10 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा।

गुरुग्राम में विदेशी शराब की अवैध बिक्री और करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जोरदार कार्रवाई की है। ईडी की जोनल ऑफिस टीम ने 3 और 4 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब के 10 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस दो दिवसीय तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी ने 11 लाख रुपये नकद, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और शराब के लेन-देन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस सिंडिकेट ने अवैध तरीके से 10 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। यह पूरा मामला गुरुग्राम स्थित लाइसेंस प्राप्त शराब दुकान 'द ठेका' से जुड़ा है, जिसका मालिकाना हक अंकुश गोयल और उनके साझेदारों के पास है। ईडी की जांच के मुताबिक, यह सिंडिकेट बिना होलोग्राम और ट्रैक एंड ट्रेस स्ट्रिप्स वाली आयातित विदेशी शराब खरीदकर उसे अवैध रूप से ठेकों के जरिए बेच रहा था।
बॉन्ड ट्रांसफर सिस्टम का खेल और टैक्स चोरी का तरीका
ईडी ने पाया कि टैक्स और कस्टम ड्यूटी से बचने के लिए इस सिंडिकेट ने 'बॉन्ड-टू-बॉन्ड ट्रांसफर सिस्टम' का गलत इस्तेमाल किया। इसके लिए हरियाणा, गोवा और महाराष्ट्र में फर्जी कंपनियां बनाई गईं और जरूरी लाइसेंस हासिल किए गए। कागजों पर शराब को गोवा और महाराष्ट्र के वेयरहाउस भेजा जाना था, लेकिन ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत से इसे सीधे गुरुग्राम के ठेकों पर पहुंचा दिया जाता था। वहां इसे वैध स्टॉक बताकर ग्राहकों को बेचा गया।
आंकड़ों के मुताबिक, जून से नवंबर के बीच इस सिंडिकेट ने एक लाख से ज्यादा विदेशी शराब की बोतलें खरीदीं। बिना कस्टम ड्यूटी, वैट और परमिट शुल्क दिए इन बोतलों को बेचकर 20 से 25 प्रतिशत तक का मुनाफा कमाया गया।
यह पूरी कार्रवाई हरियाणा पुलिस की एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई। इससे पहले आबकारी विभाग ने 'द ठेका' से बिना होलोग्राम वाली 3921 पेटी और 176 बोतल विदेशी शराब जब्त की थी। सिंडिकेट के सदस्यों पर नकली शराब बेचने के आरोप में भी मामला दर्ज है।