NewsClick FIR मामला: दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ ED पहुंची सुप्रीम कोर्ट
ED ने NewsClick और प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ FIR रद्द करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने न्यूज़ पोर्टल NewsClick और उसके मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। ED ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है, जिसमें हाई कोर्ट के 29 मई 2026 के आदेश को खारिज करने की मांग की गई है। यह पूरा मामला न्यूज़ क्लिक को मिले विदेशी फंड और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है।
ED का तर्क है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में अपनी अधिकार सीमा से बाहर जाकर एक 'मिनी-ट्रायल' जैसा काम किया। एजेंसी का कहना है कि कोर्ट ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) नियमों के उल्लंघन से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज कर दिया। ED के मुताबिक, हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज मामले की ठीक से जांच नहीं की और इस गंभीर मुद्दे को केवल शेयरों के मूल्यांकन से जुड़ा एक साधारण विवाद मान लिया।
हाई कोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल
ED ने अपनी याचिका में यह भी मुद्दा उठाया है कि जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच द्वारा फैसला सुनाने में पांच महीने की असामान्य देरी हुई। गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने मई में अपने फैसले में कहा था कि इस FIR को जारी रखना 'कानून की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग' है। कोर्ट का मानना था कि बिजनेस के फैसलों और शेयरों की कीमतों को तय करना अपने आप में कोई आपराधिक कृत्य नहीं होता।
इस पूरे मामले की जड़ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की FIR संख्या 116/2020 है, जिसमें विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए थे। यह मामला अमेरिका स्थित वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स LLC से मिले फंड से जुड़ा है, जिसे ED ने नेविल रॉय सिंघम से जोड़ा है। दूसरी ओर, NewsClick का लगातार यह दावा रहा है कि ये सारी जांच प्रेस की आजादी पर हमला करने के लिए की जा रही हैं। अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर हैं, जहां इस मामले की सुनवाई 28 अक्टूबर 2026 को होने की संभावना है।